डार्विन, ऑस्ट्रेलिया — ऑस्ट्रेलियाई सेना ने हाल ही में उत्तरी क्षेत्र (Northern Territory) में अमेरिका के एडवांस्ड Precision Strike Missile (PrSM) का सफल परीक्षण किया है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य संतुलन को बदल सकता है। यह मिसाइल न केवल पहले की तुलना में अधिक रफ्तार से उड़ान भरती है, बल्कि इसकी मारक क्षमता भी काफी लंबी है — जिससे यह किसी संभावित चीनी खतरे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण बन सकती है।
इस परीक्षण के दौरान PrSM ने अपने लक्ष्य को 500 किमी से भी ज्यादा दूर भेदा, और इसकी गति ध्वनि से कई गुना अधिक थी। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच गहरे होते रक्षा सहयोग के तहत इस मिसाइल को परीक्षण के लिए लाया गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं।
क्या है PrSM मिसाइल की खासियत?
यह मिसाइल पारंपरिक युद्धक सामग्री (conventional warhead) से लैस होती है।
GPS-निर्देशित तकनीक से यह बेहद सटीक निशाना लगाती है।
इसमें कई मिसाइलों को एक साथ दागने की क्षमता है, जिससे दुश्मन की रक्षा प्रणाली पर अचानक और व्यापक हमला किया जा सकता है।
चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी के जवाब में अहम कदम
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक रणनीति और उसके बढ़ते नौसैनिक प्रभाव के मद्देनज़र यह मिसाइल अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए एक रणनीतिक जवाब है। विश्लेषकों का मानना है कि PrSM जैसी लंबी दूरी की मिसाइलें चीन के जहाजों, रडार सिस्टम और सैन्य अड्डों को लक्ष्य बनाने में सक्षम होंगी, खासकर यदि किसी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होती है।
ऑस्ट्रेलिया की भूमिका
ऑस्ट्रेलिया, जो पहले एक "मध्यस्थ" भूमिका में रहा करता था, अब स्पष्ट रूप से अमेरिका के साथ अपनी सैन्य साझेदारी को और मज़बूत कर रहा है। डार्विन और अन्य उत्तरी क्षेत्रों में अमेरिकी सेना की बढ़ती गतिविधियाँ और अब PrSM जैसी मिसाइलों का परीक्षण इस बात का संकेत है कि ऑस्ट्रेलिया किसी भी सैन्य चुनौती के लिए तैयार रहना चाहता है।