ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 50 वर्षों में पहली बार पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित लड़ाकू विमान ‘घोस्ट बैट’ (Ghost Bat) पेश किया है। यह अत्याधुनिक मानव रहित कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।
यह विमान विशेष रूप से बिना पायलट के संचालन के लिए विकसित किया गया है, जिससे युद्ध के दौरान मानव जीवन के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सके। ‘घोस्ट बैट’ में उन्नत सेंसर और निगरानी प्रणालियाँ लगी हैं, जो दुश्मन की गतिविधियों पर सटीक नजर रखने में सक्षम हैं।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस विमान की मारक क्षमता और संचालन सीमा भी काफी प्रभावशाली है। यह एक बार में लगभग 3700 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर सकता है, जिससे यह लंबी दूरी के मिशनों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
इस परियोजना को अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी Boeing के सहयोग से विकसित किया गया है, लेकिन इसकी डिजाइनिंग और निर्माण में ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख भूमिका रही है। इसे “लॉयल विंगमैन” कार्यक्रम के तहत तैयार किया गया है, जिसमें यह विमान अन्य लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर काम कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘घोस्ट बैट’ भविष्य के युद्धों की दिशा बदल सकता है, क्योंकि यह मानव रहित तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बेहतरीन उदाहरण है। यह न केवल ऑस्ट्रेलिया की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में भी देश की स्थिति को सुदृढ़ करेगा।
ऑस्ट्रेलिया की इस उपलब्धि को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।