ऑस्ट्रेलिया फिलिस्तीन को मान्यता देने के फैसले में ट्रंप से सलाह नहीं लेगा: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज

ऑस्ट्रेलिया फिलिस्तीन को मान्यता देने के फैसले में ट्रंप से सलाह नहीं लेगा: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के किसी भी संभावित निर्णय से पहले वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कोई सलाह नहीं लेंगे।

प्रधानमंत्री अल्बनीज से यह सवाल तब किया गया जब यह संभावना जताई जा रही है कि वह आगामी सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान फिलिस्तीन को मान्यता देने का ऐलान कर सकते हैं। यह कदम ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे पश्चिमी देशों के रुख के अनुरूप होगा, जिन्होंने संकेत दिया है कि वे फिलिस्तीन को आधिकारिक रूप से मान्यता दे सकते हैं।

मेलबर्न से बोलते हुए, जब अल्बनीज से पूछा गया कि क्या वह इस फैसले से पहले ट्रंप से बातचीत करेंगे, तो उन्होंने दो टूक कहा, "हम एक संप्रभु सरकार हैं और ऑस्ट्रेलिया अपने निर्णय खुद करता है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय अमेरिका या किसी अन्य देश की सहमति पर आधारित नहीं होगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र विदेश नीति के तहत लिया जाएगा। अल्बनीज ने दोहराया कि ऑस्ट्रेलिया का उद्देश्य फिलिस्तीन को मान्यता केवल तभी देना होगा जब इससे "टू-स्टेट सॉल्यूशन" (दो-राष्ट्र समाधान) की दिशा में ठोस प्रगति संभव हो — जिसमें गाजा में संघर्षविराम, हमास का आत्मसमर्पण और 7 अक्टूबर 2023 को बंधक बनाए गए इज़रायली नागरिकों की रिहाई शामिल है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इज़रायल द्वारा गाजा में मानवीय सहायता और खाद्य आपूर्ति को रोकने की कड़ी आलोचना हो रही है। इसके बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी फिलिस्तीन को मान्यता देने के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।

प्रधानमंत्री अल्बनीज पहले ही फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने तत्काल संघर्षविराम और बंधकों की रिहाई की अपील की। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री अल्बनीज ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता को दोहराया, क्योंकि एक न्यायसंगत और स्थायी शांति इसी पर निर्भर है।"

वहीं, विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि प्रधानमंत्री जल्द ही इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि ऑस्ट्रेलिया का रुख स्पष्ट रूप से सामने रखा जा सके।

ऐसे में आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ऑस्ट्रेलिया फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देशों की सूची में शामिल होता है या नहीं। लेकिन एक बात साफ है — यह फैसला ऑस्ट्रेलिया अपने तरीके से और अपनी विदेश नीति के तहत ही करेगा।