ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच Australia और Singapore “एक-दूसरे के साथ खड़े हैं”। उन्होंने यह बयान सिंगापुर पहुंचने के बाद दिया, जहां वे देश की भविष्य की ईंधन आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए अहम बातचीत करने पहुंचे हैं।
अल्बानीज़ गुरुवार शाम सिंगापुर पहुंचे, जहां उनका स्वागत सिंगापुर के विदेश मंत्री ने किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच “विश्वास और साझा मूल्यों” पर आधारित मजबूत संबंध हैं, जो मौजूदा वैश्विक हालात में और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
उन्होंने कहा,
“कठिन समय में यह जरूरी है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा कर सकें। हमारे बीच भरोसे और साझेदारी का रिश्ता है, इसलिए हम एक-दूसरे का साथ निभा रहे हैं।”
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इससे तेल और गैस की आपूर्ति तथा कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
सिंगापुर एशिया का सबसे बड़ा तेल व्यापार केंद्र और दुनिया का छठा सबसे बड़ा रिफाइनरी निर्यातक है। ऑस्ट्रेलिया की कुल रिफाइंड ईंधन आपूर्ति का लगभग 26 प्रतिशत सिंगापुर से आता है। इसमें पेट्रोल, जेट फ्यूल और डीजल की बड़ी हिस्सेदारी शामिल है।
वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया सिंगापुर को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है और उसकी कुल गैस जरूरतों का लगभग 32 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है।
प्रधानमंत्री Lawrence Wong के साथ होने वाली बैठक में दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने और संभावित बाधाओं से निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले मार्च में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें ऊर्जा व्यापार को स्थिर बनाए रखने और किसी भी व्यवधान की स्थिति में परामर्श करने पर सहमति बनी थी।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में आयात-निर्यात प्रतिबंधों और मौजूदा वैश्विक बाजार की चुनौतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अल्बानीज़ अपने दौरे के दौरान जुरोंग आइलैंड का भी दौरा करेंगे, जहां सिंगापुर के प्रमुख तेल रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योग स्थित हैं।
यह दौरा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक और ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।