ऑस्ट्रेलिया का कृषि निर्यात 82 अरब डॉलर के पार, ट्रंप के टैरिफ की धमकी से बढ़ी चिंता

ऑस्ट्रेलिया का कृषि निर्यात 82 अरब डॉलर के पार, ट्रंप के टैरिफ की धमकी से बढ़ी चिंता

सिडनी/अल्बरी, 25 फरवरी 2026।
ऑस्ट्रेलिया का कृषि निर्यात वर्ष 2025 में 12 प्रतिशत बढ़कर 82 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.3 लाख करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) तक पहुंच गया है। यह जानकारी मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में सामने आई। हालांकि इस रिकॉर्ड वृद्धि के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने की चेतावनी से व्यापारिक अनिश्चितता बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने कृषि प्रधान शहर अल्बरी से कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी प्रशासन के समक्ष “उचित प्रतिवेदन” पेश करेगी। उन्होंने कहा, “हम दोहराते हैं कि ये टैरिफ अनुचित हैं। हम मुक्त और निष्पक्ष व्यापार का समर्थन करते हैं, खासकर अपने कृषि उत्पादों के लिए।”

अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा आयातक

नए आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अमेरिका ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे बड़ा कृषि आयातक रहा। अमेरिका ने कुल 10.2 अरब डॉलर मूल्य के कृषि, मत्स्य और वानिकी उत्पाद आयात किए।

सबसे बड़ा आयातक चीन रहा, जिसने 18.5 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदे। इसके अलावा जापान, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया शीर्ष पांच आयातकों में शामिल रहे, जिनका आयात 4.5 से 6 अरब डॉलर के बीच रहा। यूरोपीय संघ ने लगभग 4 अरब डॉलर के उत्पाद स्वीकार किए।

बाजारों का विस्तार, 190 देशों तक पहुंच

सरकार के अनुसार, 2025 में ऑस्ट्रेलियाई कृषि उत्पादों को 190 बाजारों तक पहुंच मिली, जो अब तक का सबसे व्यापक विस्तार है।

कृषि मंत्री Julie Collins ने कहा, “अल्बनीज़ लेबर सरकार ने हमारे किसानों और उत्पादकों के लिए नए बाजार खोलने के लिए लगातार काम किया है। बाजार पहुंच अब तक की सबसे अधिक विविध और मजबूत स्थिति में है।”

सरकार 2025-26 वित्त वर्ष में कई नए और उन्नत बाजार खोलने की तैयारी में है, जिनमें वियतनाम को ब्लूबेरी, इंडोनेशिया को पशु चारा और गेहूं, कनाडा को सेब तथा जापान को मादक पेय पदार्थ शामिल हैं। सरकार के कार्यकाल में अब तक 256 बाजार पहुंच उपलब्धियां दर्ज की गई हैं, जिनमें 34 नए बाजार और 18 बहाल किए गए बाजार शामिल हैं।

बीफ रहा शीर्ष निर्यात उत्पाद

2025 में बीफ और वील (बछड़े का मांस) 18.7 अरब डॉलर के निर्यात के साथ ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा कृषि उत्पाद रहा। इसके बाद गेहूं दूसरे स्थान पर रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू किया जाता है, तो ऑस्ट्रेलिया के कृषि निर्यात पर असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि बाजार विविधीकरण की रणनीति से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।