सीरिया के कैंप से निकलीं ऑस्ट्रेलियाई आईएसआईएस महिलाएं और बच्चे, वापसी की प्रक्रिया फिर टली

सीरिया के कैंप से निकलीं ऑस्ट्रेलियाई आईएसआईएस महिलाएं और बच्चे, वापसी की प्रक्रिया फिर टली

सीरिया के उत्तर-पूर्व में स्थित बंदी शिविरों में वर्षों से रह रहीं ऑस्ट्रेलिया की आईएसआईएस से जुड़ी महिलाओं और बच्चों की स्वदेश वापसी एक बार फिर टल गई है। शिविर प्रशासन के एक अधिकारी के अनुसार, परिवारों की रवानगी रद्द नहीं की गई है, बल्कि “कुछ समय के लिए स्थगित” की गई है।

जानकारी के मुताबिक, करीब 34 ऑस्ट्रेलियाई महिलाएं और बच्चे पिछले लगभग सात वर्षों से सीरियाई कैंपों में फंसे हुए हैं। ये सभी महिलाएं पहले कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) से जुड़े लड़ाकों के साथ सीरिया आई थीं। आतंकी संगठन के पतन के बाद से वे और उनके बच्चे अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में इन परिवारों को कैंप से बाहर ले जाने की तैयारी की गई थी। हालांकि, अज्ञात कारणों से उनकी यात्रा बीच में ही रोक दी गई और उन्हें वापस शिविर में लौटा दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से उठाया गया है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर लंबे समय से इन नागरिकों को वापस लाने को लेकर दबाव रहा है। मानवाधिकार संगठनों का तर्क है कि शिविरों की स्थिति दयनीय है, जहां बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, कुछ वर्गों का मानना है कि सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए वापसी की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक की जानी चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी नागरिकों की वापसी और पुनर्वास एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सुरक्षा जांच, कानूनी कार्रवाई और पुनर्वास योजनाएं शामिल होती हैं। फिलहाल, इन 34 महिलाओं और बच्चों को अगली सूचना तक शिविर में ही इंतजार करना होगा।

सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया है कि वापसी की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और उचित समय पर इसे फिर से शुरू किया जा सकता है।