ऑस्ट्रेलिया में कुछ माता-पिता द्वारा अपने बच्चों के टीकाकरण रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कराने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक हालिया जांच में खुलासा हुआ है कि कई माता-पिता एंटी-वैक्सीन विचारधारा से जुड़ी नर्सों को लगभग 2500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का भुगतान कर मेडिकेयर रिकॉर्ड में झूठी जानकारी दर्ज करवा रहे हैं।
जांच के अनुसार, ये माता-पिता अपने बच्चों को टीके लगाए बिना ही सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण टीकाकरण का प्रमाण दर्ज करवा रहे हैं। सोशल मीडिया और निजी ऑनलाइन समूहों में कुछ लोग इस अवैध प्रक्रिया को लेकर खुले तौर पर शेखी बघारते पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गतिविधियाँ नवजात शिशुओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। हाल ही में सामने आए “राइली” नामक शिशु के मामले ने इस खतरे को और उजागर किया है, जहाँ अपूर्ण टीकाकरण के कारण संक्रमण का जोखिम कई गुना बढ़ गया।
ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला है, बल्कि सामूहिक स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
सरकार ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों के लाइसेंस रद्द करने और आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह का फर्जीवाड़ा नहीं रोका गया, तो भविष्य में गंभीर बीमारियों के प्रकोप का खतरा बढ़ सकता है।