ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का 'Welcome to Country' पर से उठ रहा भरोसा, सर्वेक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का 'Welcome to Country' पर से उठ रहा भरोसा, सर्वेक्षण में हुआ बड़ा खुलासा

ऑस्ट्रेलिया में सार्वजनिक आयोजनों से पहले किए जाने वाले ‘Welcome to Country’ (स्वागत परंपरा) को लेकर देश में तीखी बहस छिड़ गई है। एक ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अब इस परंपरा को “विवादास्पद” और “बेमतलब” मानने लगे हैं।

यह सर्वे Institute of Public Affairs (IPA) की ओर से स्वतंत्र मार्केटिंग रिसर्च कंपनी Dynata द्वारा कराया गया, जिसमें 1005 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की राय ली गई। परिणामों के अनुसार, 56% प्रतिभागियों ने माना कि Welcome to Country अब एक विभाजनकारी परंपरा बन चुकी है, जबकि केवल 17% ने इससे असहमति जताई और 27% अनिश्चित रहे।

चौंकाने वाली बात यह है कि 18 से 24 वर्ष की आयु के युवाओं में से भी 48% ने इस परंपरा को एकजुटता की भावना से परे माना, जबकि आम धारणा यह है कि युवा वर्ग अपेक्षाकृत अधिक प्रगतिशील होता है।

राष्ट्रीय आयोजनों पर विभाजित राय

सर्वे के अनुसार, 46% लोगों का मानना है कि Anzac Day जैसे राष्ट्रीय आयोजनों से पहले Welcome to Country का आयोजन नहीं होना चाहिए, वहीं 49% लोग खेल आयोजनों में भी इसे हटाने के पक्ष में हैं। इसके विपरीत, 34% और 30% लोग क्रमशः इन आयोजनों में इसे बनाए रखने के समर्थन में हैं।

IPA के उप-कार्यकारी निदेशक डैनियल वाइल्ड ने इन आंकड़ों को आम ऑस्ट्रेलियाई जनता की “थकान और नाराजगी” का संकेत बताया। उन्होंने कहा:

“यह धारणा कि युवा वर्ग वामपंथी और जागरूक (woke) है, अब गलत साबित हो रही है। यहां तक कि युवा भी इसे विभाजनकारी मान रहे हैं। आम और मेहनतकश ऑस्ट्रेलियाई समझते हैं कि हमें नस्ल के आधार पर बांटने की जरूरत नहीं है। हमें अपने ही देश में स्वागत की आवश्यकता नहीं है।”

Welcome to Country एक पारंपरिक सांस्कृतिक प्रक्रिया है जिसमें ऑस्ट्रेलिया की Indigenous आबादी (मूलवासी समुदाय) द्वारा किसी आयोजन या सभा से पहले उस स्थान पर उपस्थिति की अनुमति और सम्मान दिया जाता है।

हालांकि, इस प्रक्रिया के औपचारिक उपयोग को लेकर अब राष्ट्रीय बहस तेज हो गई है। यह देखा जाना बाकी है कि क्या यह परंपरा आगे भी ऑस्ट्रेलियाई आयोजनों का हिस्सा बनी रहेगी या जनभावना के दबाव में बदलाव आएगा।


पृष्ठभूमि:
Welcome to Country को औपचारिक रूप से सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों, खेल आयोजनों और टीवी प्रसारणों में जगह दी जाती रही है, ताकि First Nations (मूल निवासी) समुदाय को सम्मान दिया जा सके। लेकिन अब इसका राजनीतिकरण और अनिवार्यकरण कई वर्गों को असहज कर रहा है।