अयोध्या के राजसदन के मुखिया और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (पप्पू भैया) का शनिवार देर रात निधन हो गया। उन्होंने अपने ही आवास राजसदन में अंतिम सांस ली। 71 वर्षीय मिश्र लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों से जुड़े रहे।
राजा साहब के निधन की सूचना मिलते ही अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और उनके चाहने वालों का राजसदन पर तांता लग गया है। उनका अंतिम संस्कार आज रविवार दोपहर 12 बजे पवित्र सरयू तट पर किया जाएगा।
विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, अयोध्या राजवंश की परंपरा का निर्वहन कर रहे थे और शहर के लोग उन्हें राजा साहब के नाम से संबोधित करते थे। वह रामायण मेला संरक्षक समिति के सक्रिय सदस्य भी थे।
राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने 2009 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद संसदीय सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि वह जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन राजनीति और समाजसेवा दोनों में सक्रिय रहे।
महारानी विमला देवी के दो पुत्रों में विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र बड़े थे। इसी कारण उन्हें राजवंश की परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर मिला और उन्हें अयोध्या का प्रतिनिधि राजा माना गया। उनके पुत्र यतींद्र मोहन प्रताप मिश्र साहित्य जगत में ख्यातिलब्ध लेखक और विद्वान के रूप में प्रसिद्ध हैं।