नई दिल्ली/बारामती, 5 मार्च।
एनसीपी (SP) के विधायक रोहित पवार ने बारामती विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जांच रिपोर्ट में कई त्रुटियां और असंगतियां हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि चार्टर कंपनी वीएसआर वेंचर्स और डीजीसीए के कुछ अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट की कई बिंदुओं पर आलोचना की और विस्तृत जांच की मांग की।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को वीएसआर वेंचर्स द्वारा संचालित एक लियरजेट विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे।
AAIB द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे के लिए पायलट द्वारा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन न करना, कम विजिबिलिटी और अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड पर मौसम संबंधी सुविधाओं की कमी को जिम्मेदार बताया गया है।
रोहित पवार ने रिपोर्ट में बताए गए दुर्घटना के घटनाक्रम पर भी सवाल उठाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि विमान पहले पेड़ों से टकराया और उसके बाद क्रैश हुआ, जबकि पवार का दावा है कि दुर्घटना स्थल के आसपास कोई पेड़ मौजूद नहीं हैं।
उन्होंने दुर्घटना के सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि वीडियो में विमान बाईं ओर तेजी से रोल करता दिखाई देता है, जबकि रिपोर्ट में दाईं ओर बैंकिंग का जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) को थर्मल डैमेज हुआ है। हालांकि रोहित पवार ने मलबे से निकाले गए ब्लैक बॉक्स की तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि उनमें किसी तरह के नुकसान के संकेत दिखाई नहीं देते।
एयर सेफ्टी विशेषज्ञ कैप्टन अमित सिंह ने भी कहा कि तस्वीरों में पेंट का फूलना, कालिख या हीट से विकृति जैसी कोई स्पष्ट निशानी नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि रिकॉर्डर को अंदरूनी नुकसान हुआ है या नहीं, इसका पता केवल फॉरेंसिक जांच से ही चल सकता है।
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में जांचकर्ता के हस्ताक्षर नहीं हैं, जो प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि फ्लाइट प्लान देर से फाइल किया गया और सुबह-सुबह इसमें बदलाव भी किया गया था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्रू में आखिरी समय में बदलाव क्यों किया गया और मुंबई-बारामती-मुंबई रूट के लिए जरूरत से ज्यादा ईंधन क्यों भरा गया।
पवार ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और मौसम से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि विजिबिलिटी 5 किलोमीटर के न्यूनतम मानक से कम थी, तो पुणे एटीसी ने विमान को बारामती जाने की अनुमति क्यों दी।
उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में विमान को पुणे या मुंबई की ओर डायवर्ट किया जा सकता था। उनके अनुसार इन सवालों के जवाब मिलना जरूरी है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।
रोहित पवार ने इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यक हो तो मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराई जानी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।