बार्नबी जॉयस की चेतावनी: भविष्य की पीढ़ियों को चीन से "खतरा", ऑस्ट्रेलिया को फौरन सशक्त होने की जरूरत

बार्नबी जॉयस की चेतावनी: भविष्य की पीढ़ियों को चीन से "खतरा", ऑस्ट्रेलिया को फौरन सशक्त होने की जरूरत

ऑस्ट्रेलिया में चल रहे सबसे बड़े सैन्य अभ्यास Talisman Sabre के अंतिम चरण में पहुंचते ही नेशनल पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री बार्नबी जॉयस ने देश को एक गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि चीन की सैन्य ताकत में हो रही तेज़ बढ़ोतरी और ताइवान को लेकर उसका आक्रामक रुख आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

इस साल के Talisman Sabre युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया सहित 19 मित्र देशों के 35,000 से अधिक सैनिक भाग ले रहे हैं। ताइवान भी भविष्य में इन अभ्यासों का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा है।

"हमें तुरंत मज़बूत होना होगा" — जॉयस

जॉयस ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा, “ऑस्ट्रेलिया की ‘रणनीतिक अस्पष्टता’ अब पर्याप्त नहीं है। अगर हमने रक्षा क्षमता में तेज़ी से बढ़ोतरी नहीं की, तो हम अपने बच्चों और पोतों के भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चीन का व्यवहार — चाहे वह दक्षिण चीन सागर पर एकतरफा दावा हो, या हांगकांग में पत्रकारों का गायब होना — एक वैकल्पिक, अलोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर इशारा करता है। अगर हम सावधान नहीं रहे, तो हम चीन के अधीन एक ‘वसाल राज्य’ (गुलाम राष्ट्र) बन सकते हैं।”

जॉयस का सीधा संदेश:

  • “अब समय आ गया है कि हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक मज़बूत रक्षा प्रणाली बनाएं।”

  • “हम उतने शक्तिशाली नहीं हैं, जितने हमें इस समय होना चाहिए।”

  • “यह सिर्फ रक्षा खर्च का मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता का सवाल है।”

सरकार पर दबाव: अमेरिका की मांग, रक्षा खर्च बढ़े

वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया अपनी जीडीपी का 2.33% रक्षा क्षेत्र में खर्च करने की योजना पर कायम है, जिसे 2034 तक लागू किया जाना है। हालांकि अमेरिका ने इस वर्ष की शुरुआत में मांग की थी कि ऑस्ट्रेलिया को रक्षा बजट को बढ़ाकर 3.5% करना चाहिए, ताकि ताइवान और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की "तत्काल खतरे" से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।