कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी राजनीति में इस सप्ताह बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब लिबरल–नेशनल गठबंधन में दरार खुलकर सामने आ गई। नेशनल्स पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर Matt Canavan ने स्वीकार किया है कि यदि लिबरल पार्टी के साथ संवाद बेहतर होता, तो गठबंधन टूटने से बचाया जा सकता था।
सीनेटर कैनावन की यह टिप्पणी उस विवाद के बाद आई है, जिसमें नेशनल्स नेता David Littleproud को स्काई न्यूज़ के एक साक्षात्कार में कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि उन्होंने विपक्ष की नेता Sussan Ley से फोन पर तीखी बातचीत में इस्तीफ़ा देने को कहा था।
हालांकि श्री लिटिलप्राउड ने इन आरोपों से सीधे इनकार करने से बचते हुए कहा कि वह निजी बातचीत को सार्वजनिक बहस का विषय नहीं बनाएंगे। उन्होंने आरोपों को “बेमानी और निरर्थक” बताते हुए खारिज कर दिया।
बाद में स्काई न्यूज़ से बातचीत में सीनेटर कैनावन ने अपने पार्टी नेता का बचाव किया, लेकिन यह भी माना कि बीता सप्ताह गठबंधन के लिए कठिन रहा। उन्होंने कहा कि अपने 11 वर्षों के राजनीतिक जीवन में पहली बार ऐसा हुआ है जब लिबरल और नेशनल पार्टियों की संयुक्त पार्टी रूम बैठक नहीं हो सकी।
सीनेटर कैनावन के अनुसार, संयुक्त बैठक न होने के कारण लिबरल पार्टी के कई सांसद नेशनल्स की आपत्तियों और चिंताओं से पूरी तरह अवगत नहीं हो पाए। उन्होंने कहा, “अगर हम सभी मिलकर खुलकर बात कर पाते, तो शायद स्थिति अलग होती।”
उन्होंने आगे कहा कि समय रहते संवाद होता और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता, तो गठबंधन टूटने जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री Anthony Albanese की हालिया ‘बॉन्डी सुधार पैकेज’ और उससे जुड़े कथित हेट स्पीच कानूनों को लेकर मतभेदों के बाद सामने आया है। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद, सीनेटर कैनावन ने स्पष्ट किया कि नेशनल्स पार्टी के मूल उद्देश्य और नीतिगत दिशा में कोई बदलाव नहीं हुआ है।