पंजाब की मान सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार – 25 जेल अधिकारियों को किया सस्पेंड

जेलों में फैले भ्रष्टाचार पर आम आदमी पार्टी की सरकार की सख्ती

पंजाब की मान सरकार का भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार – 25 जेल अधिकारियों को किया सस्पेंड

चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर एक और बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को राज्य की जेलों में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई करते हुए सरकार ने प्रदेश की विभिन्न जेलों के 25 बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इनमें जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं।

जेल विभाग में लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
पंजाब सरकार को बीते कुछ महीनों से विभिन्न जेलों में रिश्वतखोरी, मादक पदार्थों की तस्करी और मोबाइल फोन जैसी अवैध गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूत्रों के अनुसार, जेलों में बंदियों को विशेष सुविधाएं देने के बदले अधिकारियों द्वारा मोटी रकम वसूली जा रही थी।

मुख्यमंत्री ने दिए थे जांच के आदेश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस संबंध में विशेष जांच कराई, जिसके बाद 25 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जेलों को अपराध मुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

गृह मंत्री ने की कार्रवाई की पुष्टि
पंजाब के गृह मंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा, "हमने जेल विभाग में सख्ती से जांच कराई और पाया कि कुछ अधिकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 25 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।"

आम आदमी पार्टी की मजबूत छवि बनाने की कोशिश
भगवंत मान सरकार इससे पहले भी पुलिस विभाग, परिवहन और नगर निगमों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। इस ताजा कदम को आगामी विधानसभा उपचुनावों और पार्टी की स्वच्छ छवि को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।

विपक्ष ने बताया 'दिखावटी कार्रवाई'
हालांकि विपक्षी दलों ने इस कदम को 'दिखावटी कार्रवाई' करार देते हुए कहा है कि केवल निलंबन से कुछ नहीं होगा, जब तक कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सजा सुनिश्चित न की जाए।

निष्कर्ष
पंजाब की जेलों को भ्रष्टाचार मुक्त करने के नाम पर मान सरकार का यह फैसला जहां प्रशंसा बटोर रहा है, वहीं यह आने वाले दिनों में और भी बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि यह सख्ती कितनी दूर तक असर दिखा पाती है।