कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया में टैक्स प्रणाली में सुधार की दिशा में एक बड़ा और साहसिक प्रस्ताव सामने आया है। स्वतंत्र सांसद केट चेनी ने उत्पादकता सम्मेलन (Productivity Summit) में सुझाव दिया है कि देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को बढ़ाया जाए और उसे और अधिक व्यापक बनाया जाए।
लेकिन इसके बदले सरकार हर वयस्क नागरिक को सालाना $3300 (लगभग ₹2.75 लाख) की सीधी राशि प्रदान करे, ताकि महंगाई और टैक्स बढ़ोतरी का बोझ आम लोगों पर न पड़े।
टैक्स सुधार का नया मॉडल
चेनी का मानना है कि मौजूदा टैक्स सिस्टम न तो स्थायी है और न ही न्यायसंगत। उन्होंने कहा, “हमें बहस से डरना नहीं चाहिए। अगर हम जीएसटी बढ़ाते हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी को राहत भी मिले। $3300 की सालाना वापसी उसी दिशा में एक मजबूत कदम हो सकता है।”
क्या होगा असर?
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका सीधा असर दो हिस्सों में दिखेगा –
महंगाई पर अंकुश: अधिक आय वाले वर्ग से अपेक्षाकृत ज्यादा टैक्स लिया जाएगा, जबकि कम और मध्यम वर्ग को नकद सहायता मिलेगी।
सरकार की आय में वृद्धि: व्यापक जीएसटी से सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश संभव होगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
चेनी के इस विचार को कुछ अर्थशास्त्रियों ने सकारात्मक बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ का मानना है कि यह कदम साहसिक है, तो कुछ इसे महंगाई को और बढ़ावा देने वाला मान रहे हैं।
अगला कदम क्या होगा?
यह प्रस्ताव अभी चर्चा के स्तर पर है, लेकिन यदि इसे संसद में समर्थन मिलता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया की टैक्स प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है।