अमेरिका में F, J और I वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव

अमेरिका में F, J और I वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव

ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों (F-1), एक्सचेंज विजिटर्स (J-1) और विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों (I) के वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब इन वीज़ा धारकों को अनिश्चितकाल तक अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं मिलेगी, बल्कि एक तय समय-सीमा के लिए ही वीज़ा मान्य होगा।

नया नियम क्या कहता है?

अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के प्रस्ताव के मुताबिक, यदि कोई छात्र, शोधार्थी या मीडिया प्रतिनिधि अपनी निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक अमेरिका में रहना चाहता है, तो उसे एक्सटेंशन ऑफ स्टे (EOS) के लिए DHS में आवेदन करना होगा।

पहले मौजूदा “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” नियम के तहत इन वीज़ा धारकों को बिना किसी निश्चित तारीख के रुकने की छूट थी। इससे धोखाधड़ी और नियम तोड़ने की संभावना बढ़ जाती थी।

बदलाव की जरूरत क्यों?

DHS का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में इमिग्रेशन अधिकारी यह जांचने में सक्षम नहीं थे कि वीज़ा धारक अपने वीज़ा की शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। 2023 में अमेरिका में करीब 16 लाख F-1 छात्र, 5 लाख J-1 एक्सचेंज विजिटर और 32,470 I-वीज़ा धारक दाखिल हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की निगरानी करना मुश्किल हो रहा था।

क्या होगा असर?

  • नए नियम से DHS समय-समय पर यह सुनिश्चित कर सकेगा कि वीज़ा धारक सिर्फ वही गतिविधियां कर रहे हैं, जिनकी उन्हें अनुमति मिली है।

  • इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी व गैरकानूनी गतिविधियों पर लगाम लगेगी।

  • F, J और I वीज़ा धारकों को अब अन्य नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा कैटेगरी की तरह समय-सीमा और निगरानी के नियमों का पालन करना होगा।


👉 यह बदलाव अमेरिका में पढ़ाई, रिसर्च और मीडिया कवरेज करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए बड़ा प्रभाव डाल सकता है।