सिडनी, 15 दिसंबर — ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार शाम हनुक्का उत्सव के दौरान हुई अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह घटना 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद देश की सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, हमला शाम लगभग 6.40 बजे उस समय हुआ जब समुद्र तट पर बड़ी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रम में शामिल थे। मृतकों में 10 वर्षीय एक बच्ची भी शामिल है, जबकि सबसे बुज़ुर्ग मृतक की आयु 87 वर्ष बताई जा रही है। इस हमले में दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि कथित हमलावर पिता और पुत्र थे।
50 वर्षीय पिता, जो एक लाइसेंसधारी हथियार मालिक था, को पुलिस ने मौके पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
उसका 24 वर्षीय बेटा, नावीद अकरम, गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और पुलिस निगरानी में है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास कानूनी रूप से छह आग्नेयास्त्र थे। पुलिस ने सिडनी के कैंप्सी इलाके में एक किराये के आवास (एयरबीएनबी) और बॉनीरिग में एक अन्य घर पर छापे मारकर हथियार जब्त किए हैं तथा दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने इस घटना को आतंकी हमला घोषित किया है। प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज़ सोमवार सुबह बॉन्डी बीच पहुँचे और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार यहूदी विरोधी घृणा (एंटी-सेमिटिज़्म) के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी और हथियार क़ानूनों की समीक्षा पर भी विचार किया जाएगा।
न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिंस ने भी समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। एहतियात के तौर पर कई सिनागॉग, स्कूल और कोषेर रेस्तरां अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
घटना की देश और विदेश में तीखी निंदा हुई है। कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। समुद्र तट पर एक अस्थायी स्मारक बनाया गया है, जहाँ लोग फूल और खिलौने रखकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और हमले के पीछे की मंशा व नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है।