बॉन्डी बीच आतंकी हमला: पुलिस हिरासत से ‘लिवरपूल 7’ के पहले सदस्य की रिहाई, राष्ट्रीय बंदूक बायबैक की घोषणा

बॉन्डी बीच आतंकी हमला: पुलिस हिरासत से ‘लिवरपूल 7’ के पहले सदस्य की रिहाई, राष्ट्रीय बंदूक बायबैक की घोषणा

सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए भीषण सामूहिक गोलीबारी के छह दिन बाद मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि तथाकथित ‘लिवरपूल 7’ समूह के पहले सदस्य को हिरासत से रिहा कर दिया गया है। यह समूह उस बड़े आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया था, जिसने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर कर रख दिया।

पुलिस के अनुसार, लिवरपूल इलाके में की गई गिरफ्तारियां साझेदार एजेंसियों से मिली खुफिया सूचना के आधार पर की गई थीं। जांच जारी है और अन्य हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।

प्रधानमंत्री और NSW प्रीमियर की प्रतिक्रिया

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने कहा कि यह समय डर में सिमटने का नहीं है। उन्होंने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही।

वहीं प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने देश को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय बंदूक बायबैक योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा,

“सरकार अवैध, नए प्रतिबंधित और अतिरिक्त हथियारों को खरीदने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गन बायबैक योजना शुरू करेगी। यह 1996 में पोर्ट आर्थर त्रासदी के बाद शुरू की गई योजना के बाद सबसे बड़ा कदम होगा।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बॉन्डी की घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों से और हथियार हटाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, आज ऑस्ट्रेलिया में 40 लाख से अधिक हथियार हैं, जो पोर्ट आर्थर नरसंहार के समय से भी ज्यादा हैं।

हमलावर पिता-पुत्र

पुलिस ने पुष्टि की है कि बॉन्डी बीच आतंकी हमले के पीछे पिता और पुत्र शामिल थे।

  • नवीद अकरम (24), जो हमले में घायल होकर अस्पताल में भर्ती है, पर आतंकवाद, 15 हत्याओं समेत 50 से अधिक आरोप लगाए गए हैं।

  • वह कोमा से बाहर आ चुका है और पुलिस निगरानी में इलाज चल रहा है।

  • उसके पिता साजिद अकरम को घटना के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने मार गिराया।

जांच में सामने आया है कि नवीद अकरम के पास वैध हथियार लाइसेंस था और उसके पास छह बंदूकें थीं, जबकि वह सिडनी के घनी आबादी वाले उपनगर बॉनिरिग में रहता था। सरकार ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है।

देशभर में शोक और सख्त कार्रवाई की मांग

हमले में मारे गए लोगों की याद में देशभर में शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही, आम जनता और विशेषज्ञों की ओर से बंदूक नियंत्रण कानूनों को और सख्त करने की मांग तेज हो गई है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व कानूनी कार्रवाई संभव बताई जा रही है।