अवैध धर्मांतरण पर CM योगी का सख्त रुख: बोले- "ऐसी सजा देंगे कि समाज के लिए बने उदाहरण"

अवैध धर्मांतरण पर CM योगी का सख्त रुख: बोले- "ऐसी सजा देंगे कि समाज के लिए बने उदाहरण"

उत्तर प्रदेश की एटीएस (ATS) ने हाल ही में एक संगठित अवैध धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र से खुद को सूफी संत बताने वाले छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर विदेशी फंडिंग, करोड़ों की अवैध संपत्ति की खरीद और प्रेमजाल व प्रलोभन के ज़रिए सैकड़ों लोगों — जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं — का जबरन धर्मांतरण कराने के गंभीर आरोप हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो समाज के लिए नज़ीर बनेगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व ट्विटर) पर लिखा –
"हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

बुलडोजर एक्शन:

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के तुरंत बाद प्रशासन ने बलरामपुर में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के आवास और उससे जुड़ी अन्य अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया। उत्तरौला क्षेत्र में उसके सहयोगियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई हुई।

गिरोह का खुलासा और modus operandi:

एडीजी एलओ अमिताभ यश के अनुसार, छांगुर बाबा खुद को ‘हजरत जलालुद्दीन पीर बाबा’ के रूप में पेश करता था और धर्मांतरण का एक संगठित नेटवर्क चला रहा था। इस गिरोह के एजेंट युवाओं और महिलाओं को प्रेमजाल में फंसा कर, लालच देकर या अन्य तरीकों से धर्मांतरण करवाते थे।
बताया गया कि गिरोह ने विदेशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग प्राप्त की थी, जो 40 अलग-अलग बैंक खातों में जमा हुई। इन पैसों का इस्तेमाल धर्मांतरण के प्रचार-प्रसार और संबंधित गतिविधियों के लिए किया गया।