मिलान / ओटावा। अंतरराष्ट्रीय पॉप संगीत जगत की चर्चित गायिका Tate McRae इन दिनों अपने ही देश कनाडा में तीखी आलोचनाओं के घेरे में हैं। आगामी Winter Olympics से पहले जारी एक प्रचार वीडियो में अमेरिकी टीम का समर्थन करते दिखाई देने के बाद कनाडाई नागरिकों और प्रशंसकों में नाराज़गी फैल गई है।
22 वर्षीय टेट मैकरे हाल ही में एक अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्क के लिए बनाए गए आधिकारिक प्रचार वीडियो में नजर आईं, जिसमें वे शीतकालीन ओलंपिक से जुड़े विभिन्न खेल आयोजनों का प्रचार कर रही हैं। वीडियो में उन्होंने अमेरिका की ओर से प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों और कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए “टीम यूएसए” को उत्साहपूर्वक समर्थन दिया।
वीडियो सामने आते ही कनाडा में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। बड़ी संख्या में कनाडाई प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि अल्बर्टा प्रांत में जन्मी और पली-बढ़ी टेट मैकरे ने अपने देश की टीम के बजाय अमेरिकी दल का प्रचार क्यों किया। कई लोगों ने इसे राष्ट्रीय भावना के खिलाफ बताया, जबकि कुछ ने इसे व्यावसायिक मजबूरी करार दिया।
एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने लिखा कि “एक कनाडाई कलाकार से यह उम्मीद नहीं थी,” वहीं दूसरे ने कहा कि “ओलंपिक जैसे मंच पर राष्ट्रीय पहचान बहुत मायने रखती है।” आलोचनाओं में यह भी कहा गया कि अमेरिका और कनाडा के बीच खेल प्रतिस्पर्धा ऐतिहासिक रूप से भावनात्मक रही है, विशेषकर आइस हॉकी जैसे खेलों में।
विवाद बढ़ने के बाद टेट मैकरे ने स्वयं सामने आकर सफाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे कनाडा का झंडा थामे नजर आ रही हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा कि वह दिल और पहचान से अब भी पूरी तरह कनाडाई हैं। इस बयान के बाद कुछ प्रशंसकों ने उनका समर्थन भी किया, हालांकि बहस पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मंच पर काम करने वाले कलाकार अक्सर अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों और प्रसारण नेटवर्क से जुड़े होते हैं, जिनके कारण ऐसे विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। इसके बावजूद, ओलंपिक जैसे आयोजन में राष्ट्रीय भावनाओं की अनदेखी करना जनता को आहत कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि मिलानो-कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक का उद्घाटन समारोह इस सप्ताह इटली में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुति प्रस्तावित है। वहीं खेलों की शुरुआत के साथ ही कुछ तकनीकी समस्याएँ भी सामने आई हैं। शुरुआती कर्लिंग मुकाबले के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्रतियोगिता को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि वैश्विक लोकप्रियता हासिल कर चुके कलाकारों की राष्ट्रीय जिम्मेदारियाँ कहाँ तक जाती हैं और व्यावसायिक समझौते उनकी पहचान को किस हद तक प्रभावित करते हैं।