कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से पहले राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। विपक्षी नेशनल्स पार्टी के वरिष्ठ सांसद Matt Canavan ने देश के कोषाध्यक्ष Jim Chalmers पर अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफ़े की मांग की है।
ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार दिसंबर तिमाही तक वार्षिक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 3.8 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले आंकड़े से 0.4 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ती महंगाई के चलते आम नागरिक और विशेष रूप से गृह ऋण लेने वाले लोग चिंतित हैं, क्योंकि Reserve Bank of Australia (आरबीए) की आगामी बैठक में ब्याज दरों में दो वर्षों के बाद पहली बार बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों के एक वर्ग का मानना है कि मौजूदा सरकार के सार्वजनिक खर्चों ने महंगाई को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। हालांकि कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह आलोचना तथ्यों से अधिक राजनीति से प्रेरित है।
उन्होंने कहा, “मैं विभिन्न आर्थिक दृष्टिकोणों को सम्मानपूर्वक सुनता हूं, लेकिन यह कहना कि महंगाई केवल सरकारी खर्च की वजह से बढ़ी है, सही नहीं है।”
इस बीच, सीनेटर मैट कैनावन ने सरकार की बैटरी सब्सिडी योजना को लेकर तीखा हमला बोला। उनका आरोप है कि जिस योजना की लागत लगभग 1 अरब डॉलर बताई गई थी, वह महज़ छह महीनों में बढ़कर 10 से 12 अरब डॉलर तक पहुंच गई।
कैबावन ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा, “अगर कोषाध्यक्ष बुनियादी गणना में इतनी बड़ी चूक कर रहे हैं, तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए।”
जवाब में जिम चाल्मर्स ने इन आरोपों को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि वे ऐसे बयानों को राजनीतिक हथकंडा मानते हैं। उन्होंने पिछली सरकार की JobKeeper योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें लगभग 60 अरब डॉलर की लागत संबंधी गलती हुई थी, लेकिन उस समय विपक्ष ने इस्तीफ़े की मांग नहीं की थी।
उन्होंने कहा, “विपक्ष नकारात्मक आर्थिक माहौल बनाकर राजनीतिक लाभ उठाना चाहता है।”
अब सभी की निगाहें रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां ब्याज दरों को लेकर अहम फैसला लिया जाना है, जिसका सीधा असर लाखों ऑस्ट्रेलियाई परिवारों पर पड़ेगा।