सीईओ को कर रियायत का संकेत: चामर्स ने उद्योग जगत से की अहम बैठक

सीईओ को कर रियायत का संकेत: चामर्स ने उद्योग जगत से की अहम बैठक

ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष जिम चामर्स ने इस सप्ताह सिडनी में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में कर सुधार के एक वैकल्पिक मॉडल पर चर्चा की गई, जो पिछले वर्ष उत्पादकता आयोग द्वारा प्रस्तावित नकदी प्रवाह कर (कैश फ्लो टैक्स) मॉडल की व्यापक आलोचना के बाद सामने आया है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार अब ऐसा कर ढांचा तैयार करने पर विचार कर रही है जो निवेश को बढ़ावा दे, कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करे और साथ ही राजस्व संतुलन भी बनाए रखे। उद्योग जगत ने पहले प्रस्तावित कैश फ्लो टैक्स प्रणाली को जटिल और व्यावहारिक रूप से कठिन बताते हुए इसकी आलोचना की थी।

बैठक में शामिल कई व्यावसायिक नेताओं ने संकेत दिया कि सरकार निजी क्षेत्र की चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है। माना जा रहा है कि नया प्रस्ताव कंपनियों को निवेश और विस्तार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कुछ कर प्रोत्साहन (टैक्स इंसेंटिव) प्रदान कर सकता है।

कोषाध्यक्ष चामर्स ने हालांकि औपचारिक रूप से किसी नए मॉडल की घोषणा नहीं की है, लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट है कि वह आर्थिक विकास और उत्पादकता बढ़ाने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करना चाहती है।

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार संतुलित और व्यवहारिक कर सुधार मॉडल पेश करती है, तो इससे निवेश माहौल में सुधार हो सकता है और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।

फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिसमें कर सुधार के संभावित खाके को सार्वजनिक किया जा सकता है।