इज़रायल ने मंगलवार रात सीरिया की राजधानी दमिश्क और दक्षिणी इलाके सुवैदा पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में दमिश्क स्थित सीरियाई सेना के मुख्यालय, मीडिया स्टूडियो और कई अन्य संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, 160 से अधिक लक्ष्यों पर बमबारी की गई, जिससे राजधानी के कई हिस्सों में जबरदस्त धमाके हुए और आग लग गई।
दमिश्क में हुए इन हमलों से शहर की सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। बम धमाकों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और इमारतें कांप उठीं। एक सरकारी टीवी चैनल के लाइव प्रसारण के दौरान जब बम स्टूडियो के पास गिरा, तो एंकर घबराकर बीच कार्यक्रम से ही भाग गई। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
इज़रायली सेना (IDF) के अनुसार, यह हमला दक्षिणी सीरिया के सुवैदा क्षेत्र में ड्रूज़ अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया। हाल ही में ड्रूज़ और बेडुईन समुदाय के बीच हिंसक झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। इज़रायल का दावा है कि सीरियाई सेना और ईरान समर्थित लड़ाके ड्रूज़ों पर हमले कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए यह सैन्य कार्रवाई की गई।
इज़रायल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने बयान जारी कर कहा कि, "हमने दर्दनाक प्रहार किया है और यदि जरूरत पड़ी तो दोबारा करेंगे। जो भी हमारी सीमाओं को खतरे में डालेगा, उसे जवाब मिलेगा।"
गौरतलब है कि इज़रायल पिछले कई महीनों से गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। साथ ही, ईरान समर्थित मिलिशिया पर भी वह समय-समय पर हवाई हमले करता रहा है। अब सीरिया में भी खुला मोर्चा इस क्षेत्रीय संघर्ष को और अधिक जटिल बना रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने इज़रायल से संयम बरतने की अपील की है। वहीं रूस और ईरान ने इस हमले की निंदा की है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है। अमेरिका ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है।