बीजिंग, 10 अगस्त 2025
चीन की राजनीति और कूटनीति में हलचल मचाने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। चीन के वरिष्ठ राजनयिक और कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग के प्रमुख लियू जियानचाओ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह वही लियू हैं, जिनके बारे में हाल के महीनों में कयास लगाए जा रहे थे कि वे देश के अगले विदेश मंत्री बन सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 61 वर्षीय लियू को जुलाई के अंत में एक विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद अधिकारियों ने पूछताछ के लिए ले लिया। अब तक न तो चीन के विदेश मंत्रालय और न ही पार्टी के अनुशासन विभाग ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।
लियू जियानचाओ चीन के जाने-माने कूटनीतिज्ञ रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ब्रिटेन में भाषा अनुवादक के रूप में की थी और बाद में फिलीपींस व इंडोनेशिया में चीन के राजदूत के तौर पर सेवा दी। वे अंग्रेजी में धाराप्रवाह हैं और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पढ़ाई कर चुके हैं।
हाल के वर्षों में लियू ने अमेरिका सहित कई देशों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, जिसमें पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकेन भी शामिल हैं। यही वजह रही कि उन्हें विदेश मंत्रालय का अगला मुखिया माने जाने की अटकलें तेज हो गई थीं।
लियू की हिरासत को चीन की राजनीतिक और कूटनीतिक दिशा में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला 2023 में तत्कालीन विदेश मंत्री क़िन गांग को अचानक पद से हटाए जाने के बाद का सबसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। लगातार दूसरे उच्चस्तरीय कूटनीतिज्ञ पर कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि चीन की सत्ता के गलियारों में किसी बड़े फेरबदल की तैयारी चल रही है।
लियू जियानचाओ की अनुपस्थिति का असर चीन के अमेरिका और अन्य देशों के साथ चल रहे संवाद पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना चीन की विदेश नीति की स्थिरता और उसकी भविष्य की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर सकती है।