देश के सबसे बड़े कोयला आधारित बिजली संयंत्र की बंदी दो साल टली

देश के सबसे बड़े कोयला आधारित बिजली संयंत्र की बंदी दो साल टली

न्यू साउथ वेल्स (NSW) के तट पर स्थित देश के सबसे बड़े कोयला आधारित बिजली संयंत्र को बंद करने की समयसीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। पहले इस विशाल बिजलीघर को 2027 तक संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब इसे 2029 तक चलाने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अभियान चला रहे संगठनों में भारी नाराज़गी है।

सरकार और ऊर्जा कंपनियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखने और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह कदम जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं अभी इतनी क्षमता में नहीं हैं कि इस बड़े संयंत्र की जगह तुरंत ले सकें। इसलिए संक्रमण काल में बिजली संकट से बचने के लिए कोयला संयंत्र का संचालन जारी रखना पड़ रहा है।

हालांकि, पर्यावरण और जलवायु कार्यकर्ताओं ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों को झटका लगेगा और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने की प्रक्रिया और धीमी हो जाएगी। कई संगठनों ने इसे सरकार की जलवायु प्रतिबद्धताओं के खिलाफ बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय अल्पकालिक ऊर्जा सुरक्षा तो सुनिश्चित कर सकता है, लेकिन दीर्घकाल में नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और तेज़ी से आगे बढ़ाना ही एकमात्र टिकाऊ समाधान है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले वर्षों में सरकार स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।