जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के पड्डर सब-डिवीजन में गुरुवार को बादल फटने की भयावह घटना ने तबाही मचा दी। यह हादसा मचैल माता मंदिर के पास स्थित धराली जैसे इलाके में हुआ, जहां अचानक आए तेज़ बहाव और मलबे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू अभियान तेज़ी से जारी है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, दोपहर में पहाड़ी क्षेत्र में अचानक बादल फटा, जिससे भारी मात्रा में पानी और मलबा निचले इलाकों की ओर बह निकला। तेज़ धारा ने कई घरों, दुकानों और अस्थायी ढांचों को बहा दिया। आसपास मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, लेकिन कई लोग तेज़ बहाव में फँस गए।
एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवी टीमें मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सेना की भी मदद ली जा रही है ताकि दूरदराज़ के इलाकों में फँसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। बचाव दल हेलिकॉप्टर की मदद से घायलों को नज़दीकी अस्पतालों तक पहुंचा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और राज्य प्रशासन ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने कहा है कि लापता लोगों की खोज और प्रभावित क्षेत्र में सहायता पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
यह हादसा मचैल माता यात्रा के दौरान हुआ है, जिसके चलते यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है।