कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी राजनीति में उथल-पुथल के बीच नेशनल्स पार्टी की वरिष्ठ नेता Bridget McKenzie ने स्वीकार किया है कि लिबरल-नेशनल कोएलिशन का संभावित विघटन “आदर्श स्थिति नहीं” होगा, लेकिन पार्टी अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब नेशनल्स पार्टी के 11 फ्रंटबेंच सदस्यों ने शैडो मिनिस्ट्री से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। यह संकट उस वक्त गहराया जब पार्टी के तीन सांसदों ने एक विवादित हेट स्पीच विधेयक पर शैडो कैबिनेट की एकजुटता तोड़ते हुए लिबरल पार्टी के खिलाफ मतदान किया।
इन इस्तीफों को स्वीकार करने का फैसला विपक्ष की नेता Sussan Ley ने किया, जिसके बाद नेशनल्स पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। पार्टी प्रमुख David Littleproud भी इस्तीफा देने वालों में शामिल हैं।
टेलीविजन कार्यक्रम टुडे शो से बातचीत में सीनेटर मैकेंज़ी ने कहा,
“हम कोएलिशन को टूटते नहीं देखना चाहते, लेकिन हम अपने पार्टी रूम के फैसले के साथ खड़े रहने से पीछे भी नहीं हट सकते। यही हमारा दायित्व है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वन नेशन पार्टी में शामिल नहीं होंगी।
“मैं एक गर्वित रूढ़िवादी हूं और मेरा मानना है कि देश में वास्तविक बदलाव लाने के लिए सत्ता में रहना ज़रूरी है। इसलिए मैं नेशनल पार्टी के साथ हूं,” उन्होंने कहा।
इस बीच सरकार की ओर से विपक्ष पर तीखा हमला बोला गया है। सामाजिक सेवा मंत्री Tanya Plibersek ने कोएलिशन की आंतरिक राजनीति को “अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना” बताया।
उन्होंने कहा कि संसद का ध्यान बॉन्डी हमले के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय शोक दिवस और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों पर होना चाहिए था, न कि विपक्षी दलों के आपसी झगड़ों पर।
एबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा,
“यह निराशाजनक है कि ऐसे समय में कोएलिशन अपनी अंदरूनी राजनीति में उलझा हुआ है। देश को स्थिरता और एकता की ज़रूरत है, लेकिन विपक्ष बिखरता हुआ नज़र आ रहा है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम विपक्ष की एकजुटता और नेतृत्व दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कोएलिशन के भविष्य और सुज़ैन ले की नेतृत्व क्षमता को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।