ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा बैंक कॉमनवेल्थ बैंक अब ग्राहकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नई तकनीक और सुरक्षा फीचर लेकर आया है। बैंक ने ‘ट्रूयू’ (Truyu) नामक ऐप में जेनरेटिव एआई स्कैम चेकर पेश किया है, जो ग्राहकों को संदिग्ध मैसेज की जांच करने में मदद करेगा।
ट्रूयू ऐप ग्राहकों को अलर्ट देता है जब उनका नाम, जन्मतिथि या पहचान पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस/पासपोर्ट) के विवरण 60% ऑस्ट्रेलियाई विक्रेताओं के प्लेटफॉर्म पर उपयोग होते हैं। अब इस ऐप में नया फीचर जोड़ा गया है, जिससे ग्राहक किसी संदिग्ध टेक्स्ट मैसेज का स्क्रीनशॉट अपलोड करके तुरंत पता लगा सकते हैं कि वह असली है या ठगी का हिस्सा।
ट्रूयू की प्रबंध निदेशक मेलानी हेडन ने बताया, “एआई का मकसद इंसानों का निर्णय लेने का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि उन्हें सही जानकारी देकर सावधानी बरतने में मदद करना है।” बैंक के ग्रुप फ्रॉड जनरल मैनेजर जेम्स रॉबर्ट्स ने भी कहा कि एआई कोई “सिल्वर बुलेट” नहीं है, इसलिए मानवीय निगरानी और ग्राहक जागरूकता बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही, बैंक ने अपने कॉमनवेल्थ बैंक ऐप में एक नया सिक्योरिटी लेयर जोड़ा है। अब कुछ ऑनलाइन कार्ड ट्रांजैक्शनों के लिए ग्राहकों को ओटीपी (SMS कोड) की बजाय ऐप में ही रियल-टाइम वेरिफिकेशन करना होगा। इसका उद्देश्य फर्जी एसएमएस और धोखाधड़ी को रोकना है।
बैंक का कहना है कि इस कदम से ग्राहकों को सीधे ऐप में अधिक स्पष्ट चेतावनी और मार्गदर्शन मिल सकेगा, जिससे सुरक्षित बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित होगा। नया इन-ऐप वेरिफिकेशन फीचर इस महीने के अंत तक शुरू किया जाएगा।
कॉमनवेल्थ बैंक ने बताया कि उसने पिछले वित्तीय वर्ष में 900 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ठगी, धोखाधड़ी, वित्तीय अपराध और साइबर खतरों से निपटने में निवेश किए हैं।