ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े बैंक कॉमनवेल्थ बैंक (CBA) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सहारे दर्जनों नौकरियों को खत्म करने का विवादित फैसला वापस ले लिया है। बैंक ने हाल ही में घोषणा की थी कि करीब 90 कर्मचारियों में से 45 की जगह एआई चैटबॉट लाया जाएगा, लेकिन कड़ी आलोचना और कर्मचारियों के विरोध के बाद अब यह योजना रद्द कर दी गई है।
फाइनेंशियल सर्विसेज यूनियन (FSU) की राष्ट्रीय सचिव जूलिया एंग्रिसानो ने कहा कि यह कर्मचारियों के संघर्ष की जीत है, लेकिन इसे "विजय यात्रा" समझना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने नौकरी कटौती को "इनोवेशन" का नाम देकर एआई का बहाना बनाया।
“AI का इस्तेमाल कर सुरक्षित नौकरियों को खत्म करना महज़ एक लागत घटाने की चाल है। कर्मचारियों ने इसे पहचान लिया और मजबूती से विरोध किया।” – एंग्रिसानो
बैंक ने स्वीकार किया कि उसने प्रभावित भूमिकाओं का सही आकलन नहीं किया था। अब उन कर्मचारियों को दो विकल्प दिए गए हैं –
अपनी नौकरी बरकरार रखना
या फिर स्वैच्छिक रिटायरमेंट (Voluntary Redundancy) लेना
बैंक ने माफ़ी मांगते हुए कहा –
“हमने प्रभावित कर्मचारियों से माफी मांगी है और आगे प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए समीक्षा करेंगे।”
ऑस्ट्रेलिया में एआई को लेकर मिलेजुले विचार हैं। एक सर्वे में पाया गया कि 40% लोग कार्यस्थल पर एआई को नापसंद करते हैं, जबकि 21% को डर है कि उनकी नौकरी जल्द ही एआई छीन लेगा। केवल 7% को भरोसा है कि उनकी नौकरी प्रभावित नहीं होगी।
यूनियनों ने चेताया है कि कंपनियां सिर्फ नौकरियों की कटौती न करें, बल्कि कर्मचारियों को AI के साथ काम करने के लिए प्रशिक्षण और नए अवसर दें।
कम्युनिटी एंड पब्लिक सेक्टर यूनियन (CPSU) ने कहा कि भविष्य ऐसा होना चाहिए जहाँ "मानव और AI साथ मिलकर काम करें"।
ऑस्ट्रेलियन काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ACTU) ने सरकार से मांग की है कि कंपनियों को कौशल विकास, पुनःप्रशिक्षण और डेटा सुरक्षा पर मजबूती से निवेश करने के लिए कानून बनाए जाएँ।
CBA ने पिछले कुछ वर्षों में 2 अरब डॉलर (करीब ₹13,000 करोड़) एआई तकनीक पर निवेश किए हैं।
बैंक का दावा है कि एआई चैटबॉट और टूल्स से साधारण ग्राहक प्रश्नों का तुरंत समाधान होगा और स्टाफ़ अधिक जटिल मामलों पर ध्यान दे पाएगा।
बैंक ने पहले से ही ChatGPT जैसा मैसेजिंग टूल, जनरेटिव-एआई चैटबॉट और एआई आधारित स्कैम डिटेक्शन सिस्टम लॉन्च किए हैं।
👉 यह विवाद इस बात का संकेत है कि टेक्नोलॉजी अपनाने और मानव रोजगार बचाने के बीच संतुलन बनाना अब कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।