मेलबर्न — ऑस्ट्रेलिया के लिबरल पार्टी सांसद और साइबर सुरक्षा पर संसदीय समिति के अध्यक्ष जेम्स पैटरसन ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रशिक्षण में कॉपीराइट सामग्री के इस्तेमाल पर मुआवज़े की माँग वाजिब है, लेकिन इसे इस तरह लागू नहीं किया जाना चाहिए जिससे एआई के विकास और नवाचार की गति थम जाए।
पैटरसन ने कहा, "ऐसे तर्क हैं कि अगर कॉपीराइटधारी सामग्री का उपयोग एआई मॉडल ट्रेनिंग में किया जा रहा है, तो उसके लिए उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए।" हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि यह प्रक्रिया “शत्रुतापूर्ण” नहीं होनी चाहिए, जिससे एआई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और उसकी संभावनाओं पर नकारात्मक असर पड़े।
उन्होंने आगाह किया कि अगर कॉपीराइट कानूनों को बहुत सख्ती से लागू किया गया तो इससे एआई स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और इनोवेशन से जुड़े छोटे उद्यमों को नुकसान हो सकता है, जो पहले ही बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
पैटरसन ने कहा, “हमें संतुलन बनाना होगा—एक ऐसा रास्ता निकालना होगा जिसमें कॉपीराइट धारकों के अधिकारों की रक्षा हो, लेकिन साथ ही एआई का विकास और उपयोग भी बाधित न हो।”
इस बहस का महत्व ऐसे समय में और बढ़ गया है जब विश्वभर में एआई कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है कि वे अपने मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग की गई कॉपीराइट सामग्री के लिए लेखकों, कलाकारों और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स को उचित भुगतान करें।
ऑस्ट्रेलिया सरकार भी इस विषय पर विचार कर रही है कि मौजूदा कॉपीराइट कानूनों में किस तरह का संशोधन किया जाए ताकि एआई और रचनात्मक उद्योगों के बीच संतुलन बना रहे।