विमानन विशेषज्ञ बोले—सुरक्षा सर्वोपरि, पायलटों की भर्ती ज़रूरी
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्देशों के बाद अपने विंटर शेड्यूल में कटौती करते हुए 717 घरेलू उड़ान स्लॉट सरेंडर कर दिए हैं। विमानन विशेषज्ञों ने इस कदम को यात्रियों की सुरक्षा और पायलटों के पर्याप्त आराम के लिहाज़ से आवश्यक बताया है।
सीनियर विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने कहा कि किसी भी स्थिति में उड़ान सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में हुई हालिया विमानन घटना के बाद डीजीसीए पायलटों के कार्य समय और आराम से जुड़े नियमों को लेकर और सतर्क हो गया है। ऐसे में एयरलाइंस को बेहतर योजना बनानी होगी और ज़रूरत के मुताबिक पायलटों की भर्ती करनी होगी।
दरअसल, दिसंबर 2025 में इंडिगो के परिचालन में आई दिक्कतों और बार-बार उड़ान रद्द होने की शिकायतों के बाद डीजीसीए ने एयरलाइन के उड़ान शेड्यूल में लगभग 10 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया था। इसके तहत जनवरी से मार्च 2026 के बीच इंडिगो को विभिन्न हवाई अड्डों पर कुल 717 स्लॉट खाली करने पड़े हैं।
हवाई अड्डा स्लॉट वह निर्धारित समय होता है, जिसमें किसी एयरलाइन को टेकऑफ या लैंडिंग की अनुमति मिलती है। व्यस्त हवाई अड्डों पर ये स्लॉट बेहद अहम होते हैं और इनके सही उपयोग से ही उड़ानों का सुचारु संचालन संभव हो पाता है।
सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो ने खाली किए गए स्लॉट की सूची नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है। मंत्रालय ने अब इन स्लॉट्स को अन्य एयरलाइंस को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, ये स्लॉट उन्हीं एयरलाइंस को आवंटित किए जाएंगे जिनके पास पर्याप्त विमान, पायलट और केबिन क्रू उपलब्ध हैं।
मंत्रालय ने साफ किया है कि केवल पुराने समय में बदलाव करने वाली या तैयारी के बिना स्लॉट लेने वाली एयरलाइंस को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। यदि किसी एयरलाइन ने तय समय पर उड़ानें शुरू नहीं कीं, तो स्लॉट वापस ले लिए जाएंगे।
डीजीसीए का कहना है कि यह कदम सर्दियों के दौरान उड़ानों में होने वाली देरी और आख़िरी समय में रद्दीकरण को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। वहीं, इंडिगो ने नियामक के निर्देशों का पालन करने और अपने परिचालन को स्थिर व सुरक्षित बनाने का भरोसा दिलाया है।