नई दिल्ली, 15 जुलाई 2025: एयर इंडिया के एक बोइंग 787-8 विमान से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया ने ब्रिटेन के एविएशन रेगुलेटर की उस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था जिसमें फ्यूल स्विच की नियमित जांच को लेकर चिंता जताई गई थी। इस लापरवाही के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
ब्रिटिश सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने चेताया था कि बोइंग 787-8 विमानों में फ्यूल से जुड़े कुछ अहम स्विच खराब हो सकते हैं, जिससे अचानक इंजन बंद होने या ईंधन आपूर्ति रुकने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इस पर CAA ने विमानों के इन फ्यूल स्विच की समय-समय पर विशेष जांच करने की सिफारिश की थी।
हालांकि, एयर इंडिया ने इस चेतावनी को "अनिवार्य नहीं" मानते हुए फ्यूल स्विच की जांच को अपने मेंटेनेंस प्रोटोकॉल में शामिल नहीं किया। हादसे की जांच रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान में यही तकनीकी खामी पाई गई – फ्यूल स्विच ठीक से काम नहीं कर रहे थे, जिससे एक इंजन ने अचानक काम करना बंद कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया की मेंटेनेंस टीम ने बोइंग और भारतीय DGCA की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन तो किया, लेकिन ब्रिटेन की विशेष चेतावनी को लागू नहीं किया। ब्रिटिश अथॉरिटी ने अब इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय विमानन निकाय ICAO और DGCA के समक्ष उठाने की तैयारी की है।
परिजनों में गुस्सा, जांच की मांग
दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिजनों ने एयर इंडिया पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी एयर इंडिया की सुरक्षा प्रणाली और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
DGCA की सफाई
भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कहा है कि वह रिपोर्ट की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ी तो एयर इंडिया के मेंटेनेंस रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगा। DGCA ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई विदेशी अथॉरिटी किसी चेतावनी को अनिवार्य घोषित नहीं करती है, तो भारतीय एयरलाइंस पर उसका पालन करना कानूनी रूप से बाध्य नहीं होता।
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर एयरलाइन सुरक्षा मानकों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मेंटेनेंस प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता पर सवाल खड़े करती है। क्या लागत बचाने के चक्कर में यात्रियों की जान से खिलवाड़ हो रहा है? क्या एयर इंडिया जैसी राष्ट्रीय एयरलाइन को सतर्कता और जवाबदेही का और बेहतर उदाहरण नहीं बनना चाहिए?
पूरी जांच के बाद ही असली जिम्मेदारों का पता चलेगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि लापरवाही की एक छोटी सी कड़ी भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।