डॉक्टर-पेशेंट भरोसे के बिना नहीं चलेगा AI का जादू: फ्यूचर हेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट 2025

डॉक्टर-पेशेंट भरोसे के बिना नहीं चलेगा AI का जादू: फ्यूचर हेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट 2025

सिडनी।
हेल्थ टेक्नोलॉजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी रॉयल फिलिप्स ने अपनी 10वीं ‘फ्यूचर हेल्थ इंडेक्स 2025’ रिपोर्ट के तहत ऑस्ट्रेलिया के मरीजों और स्वास्थ्य पेशेवरों की राय सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी तरक्की तभी सफल होगी जब डॉक्टर और मरीज के बीच भरोसे को प्राथमिकता मिलेगी।

रिपोर्ट से पता चला है कि 66% ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बेहतर इलाज के लिए नई तकनीकों का स्वागत करते हैं, लेकिन 53% लोग इस बात से चिंतित हैं कि कहीं इसका असर डॉक्टर से सीधे मिलने-जुलने पर न पड़े।

मरीज चाहते हैं तकनीक, लेकिन इंसानी स्पर्श भी जरूरी

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ऑस्ट्रेलियाई मरीज तकनीक को सहारा मानते हैं, न कि डॉक्टर का विकल्प। वे चाहते हैं कि AI जैसे टूल्स डॉक्टरों का काम आसान बनाएँ—जैसे डेटा एनालिसिस, रिपोर्ट्स और एडमिन काम—ताकि डॉक्टर मरीज से गहराई से जुड़ सकें।

ऑस्ट्रेलिया में 74% डॉक्टरों का कहना है कि अधूरी या अनुपलब्ध मरीज जानकारी के कारण उनका कीमती समय बर्बाद होता है। इन डॉक्टरों में से 19% हर शिफ्ट में 45 मिनट से ज्यादा का नुकसान उठाते हैं, जो सालभर में 23 दिनों के बराबर होता है।

भरोसे की डोर: AI पर भी डॉक्टर की मुहर चाहिए

AI के प्रति भरोसा अभी भी एक चुनौती है। जहाँ 85% डॉक्टर AI को लेकर आशावादी हैं, वहीं सिर्फ 43% मरीज ही इससे सकारात्मक उम्मीद रखते हैं। दिलचस्प बात यह है कि 79% मरीज AI से जुड़ी जानकारी अपने डॉक्टर से ही प्राप्त करना पसंद करते हैं, बजाय सोशल मीडिया या न्यूज पोर्टल के।

हालांकि, डॉक्टरों को भी AI से जुड़े कुछ कानूनी सवालों को लेकर स्पष्टता नहीं है। 77% स्वास्थ्य पेशेवर AI से हुई गलती की जिम्मेदारी को लेकर चिंतित हैं।

डॉ. टिम बाउल्स, जो वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में EMHS के HIVE विभाग के प्रमुख हैं, कहते हैं,

"AI हमें प्रशासनिक झंझटों से मुक्त कर मरीजों पर ज्यादा ध्यान देने का मौका देता है।"

फिलिप्स और EMHS की साझेदारी ने दिखाया असर

फिलिप्स और East Metropolitan Health Service (EMHS) के सहयोग से लागू किए गए Clinical Command Centre और HIVE प्रोग्राम ने बेहतरीन परिणाम दिए हैं:

  • मरीज मृत्यु दर में 26% की कमी

  • अस्पताल में भर्ती की अवधि में 30% की कमी

  • 15% मरीजों को जल्दी छुट्टी

  • 12 महीनों में 10,000 से ज्यादा क्लिनिकल इंटरेक्शन, जिनमें से 10% आपातकालीन थे और 64% ऑफ-ऑवर्स (रात/सप्ताहांत में) हुए।

फिलिप्स ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूज़ीलैंड के अंतरिम प्रबंध निदेशक, शहान फर्नांडो ने कहा:

"हम मानते हैं कि तकनीक तभी सफल होगी जब वह इंसानियत के साथ चले। हमारा उद्देश्य डॉक्टरों को सशक्त बनाना और मरीजों के साथ उनका रिश्ता और मजबूत करना है।"

 

पूरी रिपोर्ट के लिए देखें: www.philips.com/futurehealthindex-2025