घरेलू हवाई किराया नियंत्रण-मुक्त: अब बाजार तय करेगा टिकट के दाम

घरेलू हवाई किराया नियंत्रण-मुक्त: अब बाजार तय करेगा टिकट के दाम

नई दिल्ली, 22 मार्च।
केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए सोमवार से विमान किरायों पर लगी अस्थायी सीमा हटा दी है। इस फैसले के बाद अब एयरलाइंस कंपनियां अपनी परिचालन लागत, मांग और बाजार की स्थिति के आधार पर टिकट की कीमतें स्वयं तय कर सकेंगी।

सरकार द्वारा यह सीमा दिसंबर 2025 में लगाई गई थी, जब उड़ानों में व्यापक व्यवधान के कारण किरायों में अचानक भारी बढ़ोतरी देखी गई थी। उस समय यात्रियों को राहत देने के लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया तय किया गया था। अब हालात सामान्य होने के मद्देनज़र सरकार ने यह नियंत्रण हटा लिया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, एयरलाइंस को मूल्य निर्धारण की स्वतंत्रता दी गई है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की मनमानी या अत्यधिक किराया वृद्धि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर सरकार हस्तक्षेप करने से भी पीछे नहीं हटेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में व्यस्त रूट्स और त्योहारों के दौरान टिकट की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, प्रतिस्पर्धा वाले मार्गों पर किराए में संतुलन बना रह सकता है।

यात्रियों के लिए सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और अग्रिम बुकिंग करें, ताकि बढ़ते किरायों के प्रभाव से बचा जा सके।