नई दिल्ली, 5 अगस्त।
चुनाव आयोग (ECI) ने डाटा सुरक्षा नीति का गंभीर उल्लंघन करने पर बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के बारुईपुर पुरबा और मोयना विधानसभा क्षेत्रों के दो निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) और दो सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर मतदाता सूची में गलत प्रविष्टियां करने और ईआर डाटाबेस के लॉगिन क्रेडेंशियल्स अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा करने का गंभीर आरोप है।
चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि इन अधिकारियों ने मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन जैसे जिम्मेदार कार्यों में लापरवाही बरती। उन्होंने अपने संवेदनशील लॉगिन विवरण ऐसे व्यक्तियों को सौंपे, जिन्हें डाटाबेस तक पहुंच का कोई अधिकार नहीं था। यह चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए एक गंभीर खतरा है।
आयोग को यह जानकारी 29 जुलाई 2025 को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा भेजे गए एक वीडियो से मिली, जिसमें विधानसभा क्षेत्र संख्या 137 – बारुईपुर पुरबा के ईआरओ और एईआरओ की ओर से मतदाता सूची में कई गलत प्रविष्टियां करने और आवेदनों के निस्तारण में लापरवाही सामने आई। इसके अलावा, मोयना क्षेत्र के अधिकारी भी इसी तरह की अनियमितताओं में लिप्त पाए गए।
आयोग ने ईआरओ देबोताम दत्ता चौधुरी, एईआरओ तथागत मोंडल, ईआरओ बिप्लब सरकार (मोयना) और एईआरओ सुदीप्त दास (मोयना) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, डाटा एंट्री ऑपरेटर सुरोजित हाल्दर के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
चुनाव आयोग की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में डाटा सुरक्षा और गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आयोग ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों को डाटा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के प्रति संवेदनशील बनाएं और उल्लंघन की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करें।