ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की टैरिफ धमकी पर यूरोपीय संघ सख्त, इमरजेंसी बैठक बुलाई

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की टैरिफ धमकी पर यूरोपीय संघ सख्त, इमरजेंसी बैठक बुलाई

ब्रुसेल्स। यूरोपीय संघ (EU) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड को लेकर दी गई टैरिफ धमकी पर कड़ी चेतावनी जारी की है। इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ ने आपातकालीन बैठक बुलाने का फैसला किया है। संघ का कहना है कि इस तरह के कदम अंतर-अटलांटिक संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।

यूरोपीय परिषद की रोटेटिंग अध्यक्षता संभाल रहे साइप्रस ने रविवार दोपहर ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के राजदूतों की एक असाधारण बैठक बुलाने की घोषणा की। यह फैसला ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड की खरीद पूरी होने तक कई यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने संयुक्त बयान में कहा कि टैरिफ लगाने से यूरोप और अमेरिका के बीच रिश्ते कमजोर होंगे और यह एक “खतरनाक गिरावट” की ओर इशारा करता है।
उन्होंने कहा, “यूरोप एकजुट है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”

यूरोपीय संघ ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ पूरी एकजुटता जताते हुए संवाद जारी रखने पर जोर दिया है। हाल ही में वाशिंगटन में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी थी।

ट्रंप ने घोषणा की है कि 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। कुछ मामलों में यह शुल्क 25 प्रतिशत तक हो सकता है।

यूरोपीय संसद के सबसे बड़े समूह, रूढ़िवादी ईपीपी (EPP) के प्रमुख और जर्मन सांसद मैनफ्रेड वेबर ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियों से यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैरिफ को मंजूरी देना संभव नहीं है।

गौरतलब है कि ब्रसेल्स और वाशिंगटन के बीच पिछले साल जुलाई में एक समझौता हुआ था, जिसके तहत यूरोपीय संघ के अधिकांश निर्यातों पर अमेरिका में 15 प्रतिशत शुल्क लगाने पर सहमति बनी थी। हालांकि, दोनों पक्ष अब भी अतिरिक्त व्यापार रियायतों को लेकर दबाव बना रहे हैं।