ईंधन की जमाखोरी कर महंगे दामों पर बेचने वालों को ऊर्जा मंत्री ने बताया ‘अन-ऑस्ट्रेलियाई’

ईंधन की जमाखोरी कर महंगे दामों पर बेचने वालों को ऊर्जा मंत्री ने बताया ‘अन-ऑस्ट्रेलियाई’

सिडनी, 13 मार्च।
ऑस्ट्रेलिया में ईंधन आपूर्ति को लेकर पैदा हुए दबाव के बीच ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी कर उसे ऑनलाइन महंगे दामों पर बेचने वालों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार “अन-ऑस्ट्रेलियाई” है और लोगों को केवल उतना ही ईंधन खरीदना चाहिए जितनी उन्हें वास्तव में आवश्यकता हो।

मंत्री बोवेन ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार ने ईंधन कंपनियों के लिए न्यूनतम भंडारण (स्टॉक) की अनिवार्यता को अस्थायी रूप से कम करने का फैसला किया है, ताकि कंपनियां आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीले ढंग से संभाल सकें और क्षेत्रीय इलाकों में अधिक ईंधन पहुंचाया जा सके।

नए फैसले के तहत डीजल का अनिवार्य न्यूनतम भंडार 2.7 अरब लीटर से घटाकर 2.2 अरब लीटर कर दिया गया है। वहीं पेट्रोल का भंडार 1 अरब लीटर से घटाकर 70 करोड़ लीटर कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यह कदम जरूरी है।

ऊर्जा मंत्री के अनुसार मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिसके कारण कुछ इलाकों में ईंधन की आपूर्ति पर दबाव देखने को मिल रहा है।

बोवेन ने कहा कि सरकार को जानकारी मिली है कि कुछ लोग पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदकर उसे जेर्री कैन में भरकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से फेसबुक मार्केटप्लेस, पर ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करना खतरनाक भी है और गलत भी।

उन्होंने लोगों से अपील की, “ऑस्ट्रेलियाई नागरिक उतना ही ईंधन खरीदें जितनी उन्हें जरूरत है—न उससे ज्यादा, न कम।”

मंत्री ने यह भी बताया कि जेर्री कैन की मांग अचानक बढ़ने से कुछ दुकानों में इसकी कमी भी देखी जा रही है।

हालांकि बोवेन ने भरोसा दिलाया कि फिलहाल देश की ईंधन आपूर्ति सुरक्षित है और तय कार्यक्रम के अनुसार जहाज ईंधन लेकर ऑस्ट्रेलिया पहुंच रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए आगे कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

सरकार ने एक बार फिर लोगों से घबराहट में खरीदारी (पैनिक बायिंग) से बचने की अपील की है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रहे।