पश्चिम एशिया में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध चौथे दिन और अधिक भयावह रूप लेता दिखाई दे रहा है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों की गूंज अब खाड़ी देशों से लेकर लेबनान तक सुनाई दे रही है। हालात तेजी से क्षेत्रीय संघर्ष में बदलते जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इजरायल और अमेरिका ने तेहरान में राष्ट्रपति कार्यालय और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की इमारत सहित कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। राजधानी के कई हिस्सों में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। असेंबली भवन के आसपास भी हमले की खबर है, जहां देश के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी।
ईरान की ओर से दावा किया गया है कि हमलों में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जबकि सरकारी प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा है।
संघर्ष अब लेबनान तक फैल चुका है। इजरायल ने ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इजरायली सेना ने अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करते हुए कई ठिकानों पर कार्रवाई की है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हवाई और जमीनी हमलों में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। सीमा क्षेत्रों में भारी गोलीबारी और रॉकेट हमलों का सिलसिला जारी है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और दूतावासों को निशाना बनाया है। ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच कई देशों में हवाई हमले की चेतावनी सायरन बजाए गए। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अमेरिका ने पश्चिम एशिया के कई देशों से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को हटने के निर्देश जारी किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी एजेंसी ने ईरान के एक प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठान पर हमले की पुष्टि की है। वहीं, एक अन्य परमाणु संयंत्र में एहतियातन कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि जमीनी अभियान और हवाई हमले इसी तरह जारी रहे, तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। कई देशों ने संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है, लेकिन फिलहाल हालात शांत होते नहीं दिख रहे।
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष अब केवल सीमित सैन्य टकराव नहीं, बल्कि बहु-देशीय संकट का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।