फॉर्मूला-1 में हड़कंप: मध्य-पूर्व हमलों के कारण ऑस्ट्रेलिया रेस पर संकट

फॉर्मूला-1 में हड़कंप: मध्य-पूर्व हमलों के कारण ऑस्ट्रेलिया रेस पर संकट

फॉर्मूला-1 (F1) का 2026 सीजन शुरू होने से ठीक पहले बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मध्य-पूर्व में हालिया मिसाइल हमलों और हवाई अड्डों के बंद होने के कारण टीमें और ड्राइवर ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री के लिए समय पर पहुंचने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

सीजन की पहली रेस 8 मार्च को Australian Grand Prix के तहत Melbourne में आयोजित होनी है। लेकिन बहरीन में प्री-सीजन टेस्टिंग के बाद लगभग 2,000 से अधिक टीम सदस्य अभी भी मध्य-पूर्व में फंसे हुए हैं।

हवाई अड्डे बंद, उड़ानों में बदलाव

सूत्रों के अनुसार, ईरान द्वारा कतर, कुवैत, बहरीन और यूएई में कुछ ठिकानों पर हमलों के बाद दोहा और दुबई जैसे बड़े एयर हब अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। इन हवाई अड्डों के बंद होने से कतर एयरवेज और एमिरेट्स जैसी प्रमुख एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुई हैं।

स्थिति को देखते हुए कई टीमों ने वैकल्पिक मार्ग अपनाए हैं। कुछ सदस्य हांगकांग और सिंगापुर के रास्ते ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ ने पर्थ के लिए सीधी उड़ान लेकर वहां से घरेलू कनेक्शन के जरिए मेलबर्न जाने की योजना बनाई है।

एफ1 प्रबंधन की प्रतिक्रिया

फॉर्मूला-1 प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और टीमों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। हालांकि, यदि मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ते हैं तो रेस कैलेंडर में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

पियास्त्री पर टिकी नजरें

ऑस्ट्रेलिया के स्टार ड्राइवर Oscar Piastri, जो McLaren टीम के लिए ड्राइव करते हैं, घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। बहरीन में हालिया टेस्टिंग के दौरान उनकी कार की रफ्तार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।

आगे का कार्यक्रम

ऑस्ट्रेलिया के बाद 15 मार्च को चीन और 29 मार्च को जापान में ग्रां प्री प्रस्तावित है। लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव को देखते हुए आने वाले हफ्तों में शेड्यूल में बदलाव संभव है।

फिलहाल, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिता की शुरुआत अनिश्चितता के साये में है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि टीमें समय पर मेलबर्न पहुंच पाती हैं या नहीं।