तेहरान। ईरान की संसद (मजलिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिका और इज़राइल से जुड़ी हालिया खबरों को “फेक न्यूज” करार देते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक बाज़ारों को प्रभावित करने और राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।
गलीबाफ ने बिना नाम लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान से जुड़ी कथित वार्ताओं और समझौतों की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बातचीत न तो हुई है और न ही ईरान इस तरह के दबाव में आने वाला है।
ईरानी स्पीकर ने कहा कि इस तरह की अफवाहें अंतरराष्ट्रीय तेल और वित्तीय बाज़ारों में अस्थिरता पैदा करने के लिए फैलाई जाती हैं, जिससे कुछ शक्तियां आर्थिक लाभ उठा सकें। उन्होंने मीडिया से अपील की कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरों को प्रसारित करने से बचें।
गलीबाफ ने आगे कहा कि ईरान अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और किसी भी प्रकार के “मनोवैज्ञानिक युद्ध” से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि देश की रणनीतिक नीतियां राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं, न कि बाहरी दबावों के आधार पर।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस तरह के बयान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाल सकते हैं। हालांकि, ईरान की ओर से इन खबरों का खंडन स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।