सिडनी (नॉर्दर्न बीचेज़): सिडनी के उत्तरी तटीय इलाके में कैथोलिक शिक्षा संस्थानों को बंद कर मर्ज करने के हालिया फैसले से सैकड़ों परिवार गहरे सदमे और निराशा में हैं। विशेषकर सैडी और उसके परिवार के लिए यह खबर बेहद दर्दनाक साबित हुई है, क्योंकि उनकी पीढ़ियों ने इस स्कूल से शिक्षा पाई है और अब अचानक उसका अस्तित्व ही खत्म किया जा रहा है।
स्कूल बंद होने के फैसले ने अभिभावकों के बीच नाराज़गी को जन्म दिया है। वे इस निर्णय को न केवल अनुचित मानते हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य पर सीधा आघात भी बता रहे हैं। कई अभिभावकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित, परिचित और सामुदायिक माहौल वाला यह संस्थान अब छिन जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई और भावनात्मक जुड़ाव दोनों पर असर पड़ेगा।
इस बीच, एक स्थानीय कैथोलिक पादरी ने भी इस कदम की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि यह निर्णय बिना पर्याप्त विचार-विमर्श और संवाद के अचानक लिया गया है। पादरी के बयान के बाद कई परिवार उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रबंधन अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।
समुदाय के लोग मानते हैं कि स्कूल केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। स्कूलों के बंद होने से स्थानीय परिवारों के बीच वर्षों से बना जुड़ाव टूट जाएगा। अभिभावकों ने अपील की है कि शिक्षा प्राधिकरण इस मुद्दे पर माता-पिता, छात्रों और शिक्षकों से खुला संवाद कर समाधान निकाले।