तेहरान/यरुशलम, एजेंसियां – पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। इजरायल ने शुक्रवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान पर अचानक 'पूर्व-खतरनाक हमले' (Preemptive Strikes) शुरू कर दिए। इजरायल की सेना ने दावा किया है कि ये हमले ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं। राजधानी तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाज गूंजी और कुछ इलाकों से धुएं का उठना भी देखा गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को “सटीक, समन्वित और बहु-आयामी सैन्य कार्रवाई” बताया, जिसमें ईरान के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
इससे एक दिन पहले, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने ईरान को उसके परमाणु निरीक्षकों के साथ सहयोग न करने पर 20 वर्षों में पहली बार निंदा प्रस्ताव पारित किया था। जवाब में ईरान ने तीसरे परमाणु संवर्धन स्थल की स्थापना की घोषणा की और अपने सेंट्रीफ्यूज को अत्याधुनिक तकनीक से बदलने का निर्णय लिया।
ईरान का कहना है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, लेकिन इजरायल का आरोप है कि तेहरान इस दिशा में गुपचुप तैयारी कर रहा है। इजरायल ने स्पष्ट कहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देगा।
हमलों के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा अपने आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई है और अमेरिका इसमें शामिल नहीं है। हालांकि उन्होंने ईरान को चेताया कि अमेरिकी सेना या नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करे। अमेरिका ने पहले से ही इराक में अपने कुछ राजनयिकों को हटा लिया था और पूरे मध्य पूर्व में सैनिकों के परिजनों को स्वेच्छा से निकालने की अनुमति दी है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि अब ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका है। इसलिए देश में 'घरेलू मोर्चे' (Home Front) पर आपातकाल की घोषणा की गई है। उन्होंने जनता से कहा कि वे सुरक्षा बलों और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों को स्थगित कर दिया गया है और ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इजरायल ने भी अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
इस हमले का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग पांच प्रतिशत की तेजी आई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इजरायल और ईरान के बीच चल रही यह सैन्य टकराव की स्थिति अब सीधे टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है। आने वाले समय में यह स्थिति पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक शांति के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर सकती है।