न्यूयॉर्क – अमेरिका की ओर विदेशी पर्यटकों का रुख एक बार फिर घटा है। जुलाई में विदेशी यात्राओं में 3.1% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले कई महीनों से जारी नकारात्मक रुझान का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू सख्त यात्रा प्रतिबंध और व्यापार पर कड़े शुल्क (टैरिफ) इस गिरावट के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
नेशनल ट्रैवल एंड टूरिज़्म ऑफिस (NTTO) के अनुसार, जुलाई में जर्मनी से आने वाले पर्यटक 14.7%, चीन से 13.8% और स्विट्ज़रलैंड से 12.7% कम हो गए। रिपोर्ट में कनाडा और मेक्सिको के आंकड़े शामिल नहीं हैं, लेकिन हाल के महीनों में वहां से भी भारी गिरावट दर्ज हुई है।
खास तौर पर कनाडाई यात्रियों ने अमेरिकी यात्राएं रद्द की हैं, राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के बाद जिसमें उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही थी। जून में कनाडा से उड़ानें 22% और कार से सीमा पार करने वाले यात्रियों की संख्या 33% घट गई।
हालांकि शीर्ष 20 देशों में से छह ने जुलाई में अमेरिका की यात्रा बढ़ाई — जापान (9.1%), डोमिनिकन रिपब्लिक (7.3%), स्पेन (6.7%), इटली (6.3%), इज़राइल (6.1%) और आयरलैंड (2.9%)।
पर्यटन को बढ़ावा देने वाले सरकारी-निजी साझेदारी संगठन ब्रैंड यूएसए का बजट इस साल "बिग ब्यूटीफुल बिल" पास होने के बाद 80% तक घटा दिया गया है, जिससे प्रमोशन गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटक अमेरिका के लिए विशेष रूप से अहम माने जाते हैं, क्योंकि वे अधिक खर्च करते हैं और लंबे समय तक ठहरते हैं। NTTO के मुताबिक, हर 40 अंतरराष्ट्रीय यात्राएं अमेरिका में एक नौकरी को सहारा देती हैं।
यात्रियों की कमी का असर अब होटल कारोबार पर भी दिख रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी होटल कंपनी मैरियट इंटरनेशनल ने पिछले हफ्ते अमेरिकी बाजार में मांग घटने के कारण अपने पूरे साल के राजस्व और मुनाफे के अनुमान को कम कर दिया।