पूर्व NSW प्रीमियर ने गाज़ा में इज़राइल की कार्रवाई की तुलना हिटलर और स्टालिन के युद्ध अपराधों से की

पूर्व NSW प्रीमियर ने गाज़ा में इज़राइल की कार्रवाई की तुलना हिटलर और स्टालिन के युद्ध अपराधों से की

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व न्यू साउथ वेल्स (NSW) प्रीमियर और विदेश मंत्री रहे बॉब कार ने गाज़ा पट्टी में इज़राइल की कार्रवाई को इतिहास के भीषणतम युद्ध अपराधों से तुलना करते हुए गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इज़राइल द्वारा "नागरिकों के खिलाफ भुखमरी को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना" एक ऐसा कृत्य है जिसे नरसंहार की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।

रेडियो नेशनल से बातचीत में बॉब कार ने कहा:

“यह वह क्रूरता है जिसकी तुलना बीते सौ वर्षों के सबसे खतरनाक अपराधों — जैसे स्टालिन द्वारा यूक्रेन में, नाज़ियों द्वारा वारसा घेटो में, और माओ के ग्रेट लीप फॉरवर्ड से की जा सकती है।”

बॉब कार ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ से अपील की कि वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कदम का अनुसरण करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलीस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की घोषणा करें।

हालांकि प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने कहा कि यह निर्णय “इशारे” के रूप में नहीं बल्कि “संभावित समाधान” के आधार पर लिया जाएगा, बशर्ते यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य का फिलीस्तीनी राष्ट्र हिंसा में लिप्त न हो और हमास का उसमें कोई दखल न हो।

कार ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को ब्रिटेन की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए।

“ऑस्ट्रेलियाई अब उस नेतृत्व की उम्मीद कर रहे हैं जो स्वतंत्र, परिपक्व और नैतिक हो। हमें लंदन से मंजूरी मिलने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं,” उन्होंने कहा।

विवाद भी खड़ा हुआ है
बॉब कार की इन टिप्पणियों की आलोचना भी हुई है। लेबर पार्टी के 'फ्रेंड्स ऑफ़ इज़राइल' ग्रुप के सह-संयोजक निक डायरनफर्थ ने कार से “तत्काल माफ़ी” की मांग करते हुए कहा:

“ऐसे नाज़ी संदर्भ देना न केवल गलत है, बल्कि यह यहूदी समुदाय के ज़ख्मों को कुरेदने वाला है। गाज़ा में जो कुछ हो रहा है, वह चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन इसे ‘नरसंहार’ कहना एक झूठ है।”

पृष्ठभूमि:
गाज़ा में मानवीय संकट के चलते इज़राइल ने “टैक्टिकल पॉज़” की घोषणा की है ताकि सहायता एजेंसियों को राहत पहुंचाने में सुविधा हो। हालांकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कहना है कि “सुरक्षित मार्ग खुले हैं” और भुखमरी के लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है।