अनिल अंबानी के खिलाफ नई जांच में ₹68.2 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा

अनिल अंबानी के खिलाफ नई जांच में ₹68.2 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ अपनी चल रही वित्तीय अनियमितताओं की जांच को और तेज करते हुए ₹68.2 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी घोटाले की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार शाम ED ने भुवनेश्वर में तीन और कोलकाता में एक स्थान पर छापेमारी की।

इस नए घोटाले में Biswal Tradelink Pvt Ltd नाम की एक कम चर्चित कंपनी का नाम सामने आया है, जिस पर शेल कंपनियों के जरिए फर्जी बैंक गारंटी देने और कमीशन वसूलने का आरोप है।

🔍 क्या है पूरा मामला?

ED के मुताबिक, Biswal Tradelink ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को ₹68.2 करोड़ की एक फर्जी बैंक गारंटी जारी की थी। इस फर्जीवाड़े के बदले कंपनी ने 8% कमीशन वसूला।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धोखाधड़ी के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की नकली वेबसाइट s-bi.co.in बनाई गई, जो असली SBI डोमेन sbi.co.in से मिलती-जुलती थी। इसी नकली डोमेन से ईमेल भेजकर SECI को भ्रमित किया गया।

📱 तकनीक के जरिए धोखाधड़ी को छुपाया गया

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने Telegram ऐप पर गायब होने वाले मैसेज का इस्तेमाल किया ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके और सबूत न छोड़े जाएं।

🏢 किससे जुड़ा है मामला?

यह फर्जी बैंक गारंटी कथित रूप से Reliance NU BESS Pvt Ltd और Maharashtra Energy Generation Ltd से जुड़े लेन-देन में इस्तेमाल की गई थी — दोनों कंपनियां अनिल अंबानी के व्यापार समूह से जुड़ी हैं।

📌 आगे क्या?

प्रवर्तन निदेशालय ने जब्त दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कई बड़े नामों की भूमिका सामने आ सकती है।