अटलांटा, अमेरिका: मशहूर अमेरिकी रैपर ग्लोरिल्ला, जिनका असली नाम ग्लोरिया वुड्स है, को इस सप्ताह ड्रग्स से जुड़े गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब पुलिस उनके घर में हुई चोरी की जांच कर रही थी।
घटना रविवार तड़के लगभग 1:30 बजे की है, जब पुलिस को अटलांटा स्थित उनके आवास पर डकैती की सूचना मिली। उस समय ग्लोरिल्ला वहां मौजूद नहीं थीं, क्योंकि वे शनिवार को इंडियानापोलिस में आयोजित WNBA ऑल-स्टार गेम के हाफटाइम में परफॉर्म कर रही थीं।
पुलिस के मुताबिक, तीन संदिग्धों ने उनके घर में घुसकर कीमती सामान चुराने की कोशिश की। तभी घर में मौजूद एक व्यक्ति ने संदिग्धों पर गोली चला दी, जिससे वे भाग गए। किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने घर में 'गांजा जैसी तेज़ गंध' महसूस की और फिर एक ड्रग टास्क फोर्स ने तलाशी वारंट लेकर घर की छानबीन की। तलाशी के दौरान मास्टर बेडरूम की अलमारी में 'साफ़ दिखाई दे रही' मात्रा में मारिजुआना और अन्य पदार्थ मिले। इसके आधार पर ग्लोरिल्ला के खिलाफ गांजा रखने और नियंत्रित मादक पदार्थ रखने के आरोप लगाए गए।
ग्लोरिल्ला ने मंगलवार को स्वयं सरेंडर किया और उसी दिन 22,260 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹33,7770) के मुचलके पर रिहा कर दी गईं।
घटना के बाद ग्लोरिल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
"चोरों को पकड़ने की बजाय, पुलिस मेरी अलमारी में मिले गांजे पर ध्यान देती है। मेरा घर लूटा गया और गिरफ्तार मैं हो गई!"
पुलिस ने बयान में कहा कि चोरी की जांच अभी जारी है और कुछ भौतिक व फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। हालांकि अब तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ग्लोरिल्ला के वकीलों ड्रू फिंडलिंग और मैरिसा गोल्डबर्ग ने एक संयुक्त बयान में कहा,
"यह घटना बताती है कि आज की कानून-व्यवस्था की प्राथमिकताएं कितनी विकृत हो चुकी हैं। हमारे मुवक्किल एक अपराध की शिकार हैं, न कि अपराधी।"
उन्होंने यह भी बताया कि घर में मौजूद ग्लोरिल्ला के परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं और उनके कीमती गहने चोरी कर लिए गए।
फोर्सिथ काउंटी के शेरिफ रॉन फ्रीमैन ने कहा,
"हम एक ओर अपराधियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कानून के सभी पहलुओं को लागू करना भी हमारी जिम्मेदारी है।"
इस पूरे मामले ने अमेरिका में कानून व्यवस्था और ड्रग नीति पर बहस छेड़ दी है, खासकर तब, जब कोई पीड़ित पुलिस की मदद चाहता है, लेकिन खुद ही कानूनी शिकंजे में फंस जाता है।