ईंधन संकट के बीच वर्क फ्रॉम होम की वापसी की आशंका, नियोक्ताओं को तैयारी की सलाह

ईंधन संकट के बीच वर्क फ्रॉम होम की वापसी की आशंका, नियोक्ताओं को तैयारी की सलाह

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते ईंधन संकट के बीच एक बार फिर “कोविड-स्टाइल” वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था लागू होने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे संभावित बदलावों के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दें।

वैश्विक ऊर्जा एजेंसी International Energy Agency (IEA) ने हाल ही में तेल आपूर्ति संकट से निपटने के लिए 10 सुझाव जारी किए हैं, जिनमें “जहां संभव हो, घर से काम” करने की सलाह सबसे ऊपर रखी गई है।

दुनिया के कई देशों ने पहले ही इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों के 50% को घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि वियतनाम, थाईलैंड, फिलीपींस और श्रीलंका जैसे देशों में या तो वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जा रहा है या चार-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने अभी तक इस तरह के उपायों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन पर छूट और जरूरत पड़ने पर घर से काम जैसे विकल्पों पर चर्चा होने की संभावना है।

इस बीच, रोजगार और औद्योगिक कानून विशेषज्ञ Ian Neil SC ने कहा है कि अगर ईंधन की कमी आर्थिक गतिविधियों और आवागमन को प्रभावित करती है, तो सरकार कंपनियों को कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने के लिए बाध्य कर सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए कानूनी बदलाव एक उदाहरण हैं, जिनके जरिए कामकाज जारी रखने के लिए लचीली कार्य व्यवस्था लागू की गई थी। यदि मौजूदा संकट गहराता है, तो उसी तरह के उपाय फिर से लागू किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार वर्क फ्रॉम होम केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि आर्थिक और ऊर्जा संकट के चलते भी जरूरी हो सकता है। ऐसे में कंपनियों और कर्मचारियों—दोनों को नई कार्यशैली के लिए तैयार रहना होगा।