ईंधन पर उत्पाद शुल्क आधा: ऑस्ट्रेलियाई सरकार का बड़ा फैसला, तीन महीने तक राहत

ईंधन पर उत्पाद शुल्क आधा: ऑस्ट्रेलियाई सरकार का बड़ा फैसला, तीन महीने तक राहत

कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया की Anthony Albanese सरकार ने बढ़ती महंगाई और वैश्विक हालात के बीच आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री Anthony Albanese की अध्यक्षता में हुई नेशनल कैबिनेट की बैठक के बाद पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला ईंधन उत्पाद शुल्क (Fuel Excise) तीन महीनों के लिए आधा करने का निर्णय लिया गया है।

यह राहत 1 अप्रैल से लागू होकर 30 जून तक प्रभावी रहेगी। सरकार के अनुसार, इस फैसले से ईंधन की कीमत में लगभग 26.3 सेंट प्रति लीटर की कमी आएगी, जिससे 65 लीटर के टैंक पर करीब 19 डॉलर तक की बचत होगी।

महंगाई और वैश्विक संकट का असर

सरकार ने बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया में भी ईंधन महंगा हुआ है। इससे आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

ट्रक चालकों को भी राहत

कोषाध्यक्ष Jim Chalmers और अन्य मंत्रियों ने बताया कि सरकार ने भारी वाहनों के लिए रोड यूजर चार्ज को भी तीन महीने के लिए शून्य कर दिया है। साथ ही इस शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि को छह महीने के लिए टाल दिया गया है, ताकि ट्रक चालकों और सप्लाई चेन पर बोझ कम हो।

निगरानी रखेगी ACCC

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि Australian Competition and Consumer Commission (ACCC) पेट्रोल कंपनियों की निगरानी जारी रखेगी, ताकि टैक्स में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे और किसी प्रकार की मुनाफाखोरी न हो।

पहले से उठाए गए कदम

सरकार ने पिछले चार हफ्तों में कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • पेट्रोल कंपनियों पर ज्यादा जुर्माना लगाने के कानून
  • राष्ट्रीय फ्यूल सप्लाई टास्कफोर्स का गठन
  • देश के ईंधन भंडार का 20% जारी करना
  • ईंधन और डीजल मानकों में बदलाव कर सप्लाई बढ़ाना
  • ट्रक चालकों के भुगतान की सुरक्षा के लिए कानून

आगे भी होंगे और कदम

ऊर्जा मंत्री Chris Bowen और अन्य वरिष्ठ मंत्री अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि ईंधन की आपूर्ति बनी रहे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए और भी कदम उठाए जाएंगे।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें ताकि ईंधन की बचत हो और क्षेत्रीय इलाकों में आपूर्ति प्रभावित न हो।