जीएसटी 2.0 लागू: अब सिर्फ दो स्लैब, आम जनता को मिली बड़ी कर राहत

जीएसटी 2.0 लागू: अब सिर्फ दो स्लैब, आम जनता को मिली बड़ी कर राहत

नई दिल्ली। आज से देश में कर ढांचे का नया अध्याय शुरू हो गया है। जीएसटी 2.0 के तहत नवरात्र के शुभारंभ के दिन से नई दरें लागू हो गई हैं। अब तक लागू जटिल जीएसटी व्यवस्था की जगह केवल दो स्लैब रह गए हैं – 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इस ऐतिहासिक फैसले से रोजमर्रा की ज़रूरत के सामान से लेकर बड़ी वस्तुओं और सेवाओं तक पर कीमतों में सीधी राहत मिलेगी।


क्या बदला जीएसटी 2.0 में?

पहले जीएसटी में कई दरें थीं – 0%, 5%, 12%, 18% और 28%। अब नई व्यवस्था में इसे घटाकर केवल दो दरों में बांट दिया गया है:

  • 5% जीएसटी : आवश्यक और दैनिक उपयोग की चीज़ों पर।

  • 18% जीएसटी : विलासिता एवं गैर-जरूरी वस्तुओं और सेवाओं पर।

इससे कारोबारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए कर प्रणाली सरल हो गई है।


सस्ते हुए ये सामान और सेवाएं

नई दरों के लागू होते ही कई वस्तुएं और सेवाएं पहले की तुलना में सस्ती हो गई हैं। इनमें शामिल हैं:

  • रसोई का सामान : तेल, घी, दालें, मसाले, पैकेज्ड आटा और अन्य खाद्य सामग्री।

  • दवाइयां : सामान्य दवाओं पर कर दर घटाई गई है।

  • वाहन और कपड़े : छोटे वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, तैयार वस्त्र अब कम दाम पर मिलेंगे।

  • मकान और निर्माण : घर खरीदने और बनवाने की लागत पर कर का बोझ घटा।

  • बीमा उत्पाद : जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पहले से सस्ते हो गए हैं।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स : टीवी, एसी, फ्रिज जैसी वस्तुएं अब कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।


पूरी तरह करमुक्त की गई चीजें

सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं को जीएसटी से बाहर कर दिया है, जिससे उपभोक्ता को सीधी राहत मिलेगी। इनमें प्रमुख हैं:

  • दूध के टेट्रापैक

  • रोटी, खाखरा और पारंपरिक खाद्य उत्पाद

  • निजी स्वास्थ्य व जीवन बीमा उत्पाद

  • शिक्षा से जुड़ीं कुछ पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री

  • 33 से अधिक जीवनरक्षक दवाएं


आम आदमी को सीधा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था से महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी। रसोई का खर्च कम होगा, स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती होंगी और घर-गाड़ी खरीदना आम लोगों के लिए आसान होगा।


सरकार की सख्त निगरानी

केंद्र और राज्य सरकारों ने कहा है कि जीएसटी 2.0 के तहत दी गई कर राहत का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचे, इसके लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यदि व्यापारी कम दरों का लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंचाते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।


विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जीएसटी 2.0 न केवल कर ढांचे को सरल करेगा बल्कि उपभोग बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को गति देगा। दो दरों का ढांचा कर चोरी को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने में भी सहायक होगा।