घिसलेन मैक्सवेल का चौंकाने वाला दावा: प्रिंस एंड्रयू और वर्जीनिया गिउफ्रे का विवादित फोटो नकली

घिसलेन मैक्सवेल का चौंकाने वाला दावा: प्रिंस एंड्रयू और वर्जीनिया गिउफ्रे का विवादित फोटो नकली

न्यूयॉर्क/लंदन।
जेफ्री एप्सटीन सेक्स ट्रैफिकिंग केस में सज़ा काट रही ब्रिटिश सोशलाइट घिसलेन मैक्सवेल ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। अमेरिकी न्याय विभाग को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि प्रिंस एंड्रयू और वर्जीनिया गिउफ्रे का मशहूर फोटो असली नहीं बल्कि "फर्जी" है

‘यह मुलाक़ात कभी नहीं हुई’

मैक्सवेल ने डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश से हुई पूछताछ में कहा कि प्रिंस एंड्रयू पर लगे यौन शोषण के आरोप “बकवास” हैं।
उन्होंने कहा, “ईश्वर की हरी-भरी धरती पर ऐसा कभी नहीं हुआ। वह घटना जिस घर में बताई जाती है, वह महज़ 900 स्क्वेयर फीट का है और बाथरूम इतना छोटा है कि वहां फर्श पर लेटना भी संभव नहीं।”

फोटो को बताया ‘मैन्युफैक्चर’

2001 की वह तस्वीर, जिसमें एंड्रयू वर्जीनिया गिउफ्रे की कमर में हाथ डाले दिखते हैं, लंबे समय से केस का अहम सबूत मानी जाती है। लेकिन मैक्सवेल का कहना है, “मुझे पूरा यक़ीन है यह फोटो नकली है। इसे कानूनी केस को मजबूत करने के लिए गढ़ा गया।”

एंड्रयू और एप्सटीन की दोस्ती पर सफाई

मैक्सवेल ने इस धारणा को भी नकारा कि उन्होंने ही प्रिंस एंड्रयू की मुलाक़ात एप्सटीन से कराई थी। उनके मुताबिक, “यह बिल्कुल झूठ है। मैं 90 के दशक में एंड्रयू को जानती ही नहीं थी। वे बहामास में सारा फर्ग्युसन के साथ छुट्टियां बिताने गए थे और वहीं एप्सटीन से मिले होंगे।”
हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि न्यूयॉर्क में एंड्रयू और उनके बीच अच्छे संबंध रहे और वे उन्हें भरोसेमंद मानते थे।

ट्रंप का बचाव और एप्सटीन की मौत पर सवाल

मैक्सवेल ने इंटरव्यू में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बचाव किया और कहा कि “ट्रंप ने कभी किसी के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया।”
साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि जेफ्री एप्सटीन ने आत्महत्या नहीं की, जबकि अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई इसे आत्महत्या ही मानते हैं।


👉 यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन और अमेरिका में एप्सटीन और उनके नेटवर्क को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। मैक्सवेल की ओर से फोटो को ‘फर्जी’ बताना मामले को और उलझा सकता है।