खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Glencore ने ऑस्ट्रेलिया के Mount Isa में अपनी परियोजनाओं के लिए 120 कुशल श्रमिकों की भर्ती हेतु विदेशों में अभियान शुरू किया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब कंपनी को कुछ ही महीनों पहले लगभग 600 मिलियन डॉलर की करदाताओं द्वारा समर्थित वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी।
कंपनी का कहना है कि माउंट आइसा क्षेत्र में खनन और प्रसंस्करण गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए विशेष तकनीकी कौशल वाले कर्मचारियों की आवश्यकता है, जो स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं। ग्लेनकोर के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय भर्ती से उत्पादन क्षमता बनाए रखने और परियोजनाओं की समयसीमा पूरी करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, इस फैसले ने श्रम बाजार और सरकारी नीतियों को लेकर बहस भी छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि जब कंपनी को सार्वजनिक धन से सहायता मिली है, तब उसे स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। वहीं समर्थकों का तर्क है कि खनन उद्योग में विशेष कौशल की कमी के कारण विदेशी विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है, जिससे अंततः क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला भविष्य में सरकारी सहायता पाने वाली कंपनियों की जवाबदेही और रोजगार नीतियों पर नई चर्चा को जन्म दे सकता है। स्थानीय समुदायों की अपेक्षा है कि विदेशी भर्ती के साथ-साथ घरेलू प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएं।
सरकार और उद्योग जगत दोनों की नजर अब इस बात पर है कि यह भर्ती अभियान क्षेत्रीय रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों पर किस तरह का प्रभाव डालता है।